99% लोगों को नही पता मरने के बाद आखिर क्यों डाली जाती है नाक में रुई

0
26

आपने अक्सर देखा होगा मरने के बाद इंसान के नाक में रुई डाल दी जाती है, सिर्फ नाक में ही नहीं बल्कि कान में भी रुई डाली जाती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि मरने के बाद नाक और कान में रुई क्यों डाली जाती है।

कई छोटी-छोटी बातों को हम देखकर भी अनदेखा कर लेते हैं और कई बार इन चीजों में ध्यान देते भी हैं तो इसका कारण नहीं समझ पाते हैं। ऐसे ही एक चीज है मृतक की नाक और कान में डाले जाने वाली रुई, जिसे हम बार-बार देखते हैं और इसका मतलब नहीं जान पाते हैं। अगर आप भी मृतक की नाक और कान में डाले जाने वाली रुई का कारण नहीं जानते हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि मृतक के नाक और कान में रुई क्यों डाली जाती है।

वैज्ञानिक कहते हैं कि मृतक के शरीर में कीटाणु ना घुस पाए इसीलिए नाक और कान को रुई से बंद कर दिया जाता है, जब इंसान मर गया तो कीटाणु उसका क्या बिगाड़ लेंगे।

लेकिन सही मायने में देखा जाए तो इसके दो कारण हैं, पहला कारण यह है कि मर जाने के बाद इंसान के नाक से एक द्रव निकलता है उसे रोकने या सोखने के लिए रुई का इस्तेमाल किया जाता है या यूं कहें इंसान के नाक और कान में रुई डाली जाती है।

दूसरा कारण गरुण पुराण से जुड़ा हुआ है, दरअसल गरुण पुराण के अनुसार मृत शरीर के खुले हुए हिस्सों में सोने का कण रखा जाता है जिसे साधारण भाषा में तुस्स कहते हैं।

यह शरीर के नौ अंगो में रखा जाता है जिसमें नाक, कान, आंख, मुंह सहित अन्य अंग शामिल हैं, इसके पीछे मान्यता यह है कि स्वर्ण अत्यंत पवित्र होता है इसे मृत शरीर के अलग-अलग हिस्सों में रहने से देह की आत्मा को शांति मिलती है और उसके पापों का नाश होता है।

नाक और कान के छेद बड़े होते हैं उस में रखा हुआ सोने का टुकड़ा गिर ना जाए इसीलिए नाक और कान में रुई डाली जाती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here