ATM से जुड़े इन दिलचस्प तथ्यों के बारे में नहीं जानते होंगे आप

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आजकल के वक्त में ATM हर किसी के पास होता है। प्लास्टिक मनी के कल्चर ने हमे काफी सुविधाएं दी हैं। अब आपकों बाजार जाने से पहले भारी रकम अपने पास रखने के लिए परेशान नहीं होना पड़ता है। लेकिन क्या आपको ATM के इतिहास के बारे में पता हैं। अगर नहीं पता है तो हम आपकों बताते हैं कि एटीएम का भूतकाल क्या था, वर्तमान क्या है और भविष्य क्या होगा।

कैसे बना पहला ATM:

ATM का निर्माण एक वाक्ये के बाद हुआ। घटना 1965 की है। स्कॉटलैंड के जॉन शेफर्ड बैरन एक दिन बैंक में एक मिनट की देरी से पहुंचे लेकिन एक मिनट की देरी से पहुंचने की वजह से बैंक में उनके पैसे नहीं निकल पाए। तो उन्होने सोचा कि क्यों न ऐसी मशीन बनाई जाए जिससे 24 घंटे पैसे निकल पाएं। ATM इन्वेट जॉन शैफर्ड बैरन का भारत से खास नाता था। शैफर्ड का जन्म भारत में ही हुआ था। बैरन का जन्म शिलॉन्ग में हुआ था। उनके पिता चिटगांव के पोर्ट कमिश्नर में चीफ इंजिनियर थे।

पहला ATM-

नकद राशि निकालने वाला पहला ATM 27 जून, 1967 को लंदन के बारक्लेज बैंक में लगाया गया था। ATM को Automated Teller Machine कहते हैं।

इंडिया में पहला ATM-

इंडिया में पहली बार ATM सर्विस साल 1987 में शुरू की गई थी। हांगकांग एंड शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (HSBC) ने मशीन को महाराष्ट्र के मुंबई में लगाया था।

ATM पिन की कहानी–

शैफर्ड बैरन चाहते थे कि ATM का पिन नंबर 6 डिजिट का हो लेकिन उनकी पत्नी कारोलीन को 6 डिजिट याद रखने में परेशानी होती थी इसलिए पिन 4 डिजिट का बनाया गया।

ATM से सोना –

ATM से सिर्फ नकद राशि ही नहीं निकलती है, बल्कि गोल्ड भी निकाला जा सकता है। पहली सोने की तश्तरी निकालने वाली मशीन आबू धावी के अमीरात पैलेस होटल में लगाईं गई थी। जिससे 320 प्रकार के गोल्ड आइटम निकाले जा सकते हैं।

तैरने वाला ATM-

क्या आपको पता है कि पानी में ATM सर्विस में मिल सकती है। तैरने वाला पहला ATM केरल के कोचि में लगाया गया था। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने झंकार में लगाईं थी। इसकी मालिक केरल शिपिंग एंड इनलैंड नेविगेशन कॉर्पोरेशन नाम की कंपनी थी।

बिना अकाउंट के ATM-

रोमानिया में बिना बैंक खाते के भी ATM का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, भारत समेत कई देशों में इस तरह की सुविधा नहीं है। माना जाता है कि भारत में भविष्य में ये तकनीक अपनाई जाएगी।

बायोमेट्रिक ATM-

ब्राजील देश में बैंकिंग ट्रांजेक्शन और पासवर्ड को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए बायोमेट्रिक ATM का इस्तेमाल किया जाता है। इन ATM पर ग्राहकों को पहले फिंगर स्कैन करना पड़ता है।

ATM के अलग–अलग नाम–

ATM को कई अलग नाम से पहचाना जाता है। यूके और न्यूज़ीलैंड में इसे कैशपोइन्ट या फिरकैश मशीन के नाम से जाना जाता है।

कार्ड खा जाने वाला ATM-

सन् 1968 में बारक्लेज बैंक में लगाए गए ATM से पैसे निकालने के लिए एक खास तरह के कार्ड का इस्तेमाल होता था। इस कार्ड बैंक से लेना पड़ता था। इस सर्विस में कार्ड मशीन के अंदर ही रह जाता था और ग्राहक हरबार नया कार्ड लेना पड़ता था।

Facts about ATM

ATM में इंक-

ATM के अंदर जिस जगह पर नोट रखे जाते हैं वहां पर एक ब्लू स्याही वाली बोतल रहती है। यदि कोई जबरदस्ती नोट निकालने का प्रयास करता है या फिर मशीन को तोड़ने की कोशिश करता है, तो ये इंक नोट पर फैल जाती है।

सबसे ऊंचा ATM-

दुनिया का सबसे ऊंचा ATM नाथू-ला में है। इसकी ऊंचाई कुपूप से 14300 फ़ीट है। ये ATM भारत-चीन बॉर्डर पर मौजूद आर्मी के लिए है।

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