डायबिटीज को करना है कंट्रोल तो खाने में शामिल करें ये चीजें

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हेल्लो दोस्तों आज डायबिटीज एक गंभीर समस्या है जिससे आपको मोटापा, कैंसर, किडनी के रोग और दिल के रोग होने का अधिक खतरा होता है। ज्यादा प्यास और भूख लगना, बार-बार पेशाब, अचानक वजन कम होना या बढ़ना, थकान, चिड़चिड़ापन, धुंधली दृष्टि, धीमे-धीमे घाव भरना आदि इसके लक्षण हैं। Food For Diabetes Patients

एक शोध की मानें तो पिछले 25 बरस में भारत में इस बीमारी के मामलों में 64 प्रतिशत इजाफा हुआ है। जिस तेजी से यह बीमारी फैल रही है, उससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले छह बरसों में देश में इस बीमारी के मरीजों की संख्या 13.5 करोड़ से ज्यादा हो सकती है, जो वर्ष 2017 में 7.2 करोड़ थी।

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पूरे विश्व में डायबिटीज के मरीज बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और इस मामले में भारत दूसरे नंबर पर है. डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिस पर कंट्रोल न किया गया तो ये इंसान को अंदर से बिल्कुल खोखला कर देती है. डायबिटीज कमजोर मेटाबॉलिज्म के कारण होती है जिसकी वजह से शरीर में सही मात्रा में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है.

इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है। इसे सिर्फ बेहतर खानपान और एक्सरसाइज के जरिये कंट्रोल रखा जा सकता है। इससे बचने के लिए या इसे कंट्रोल रखने के लिए फिजिकल एक्टिविटी बढ़ा दें, रोजाना एक्सरसाइज करें, रेगुलर चेक-अप कराएं, बेहतर डाइट प्लान फॉलो करें और कम से कम आठ घंटे की नींद लें।

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डायबिटीज के टाइप :  

डायबिटीज के 3 टाइप होते हैं, डायबिटीज टाइप -1, डायबिटीज टाइप -2, डायबिटीज टाइप 3-सी. डायबिटीज होने पर शरीर कमजोर होने लगता है और नींद भी सही से नहीं आती है. डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर लेवल पर कंट्रोल रखना जरूरी है. खान-पान पर ध्यान देकर भी शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है. आइए जानते हैं क्या खाने से आपको डायबिटीज कंट्रोल में मदद मिलेगी.

डायबिटीज के लक्षण :

डायबिटीज के कुछ सामान्‍य लक्षण हैं, जो शुरुआती समय में उभरते हैं । अगर आपने इन्‍हें समझ लिया तो आपको इससे बचने में आसानी होगी । ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब का आना, आँखों की रौशनी कम होना, कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना, हाथों, पैरों और गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म, बार-बर फोड़े-फुंसियां निकलना, चक्कर आना, चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण देखे जा सके हैं ।

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ऐसा हो डायबिटीज के मरीजों का डाइट प्लान :

सुबह जल्दी : सुबह खाली पेट करेले का रस या मेथी का पानी पी सकते हैं। इससे ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिलती है।
नाश्ता : स्किम मिल्क या 2 अंडे / 30 ग्राम पनीर सैंडविच या एक कटोरा जई
मिडमर्निंग : कोई भी फाइबर वाला फल
दोपहर का भोजन : चोकर रोटी 2 , 1 कटोरी साबुत दाल, सब्जी, 1 कप दही
शाम : मुट्ठी भर बादाम या भूना चना (नमक रहित) के साथ चाय
रात के खाने से पहले : एक फाइबर वाला फल
रात का खाना : 1 चोकर की रोटी / 1 कप ब्राउन राइस, चिकन ब्रेस्ट / पनीर, हरी सब्जी
सोने से पहले : 1 गिलास स्किम मिल्क

डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए अपनाइए :

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# अनार :

अनार में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. ये शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं. साथ ही अनार शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम कर के डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद पहुंचाता है.

# अमरूद :

अमरूद में फाइबर होने के कारण ये डायबिटीज में होने वाली कब्ज की बीमारी को दूर करता है. साथ ही यह डायबिटीज टाइप-2 के खतरे को कम करता है. इतना ही नहीं, अमरूद में भरपूर मात्रा में विटामिन-ए और विटामिन-सी पाया जाता है.

# दही : 

बिना मलाई वाले दूध से बनी दही डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित है. इसे रोज खाने से कॉलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लिसेराइड लेवल पर कंट्रोल बना रहता है. अच्छी मात्रा में दही खाने से टाइप 2 शुगर का खतरा कम हो जाता है

# आंवला :

आंवला एक सुपरफूड की श्रेणी में आता है और जब इसे हल्दी के साथ मिला दिया जाता है। तो यह डायबिटीज के खिलाफ और भी अधिक तेजी से असर दिखाता है। आंवले के अंदर क्रोमियम नामक मिनरल पाया जाता है। जो कि हमारे शरीर के कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और इंसुलिन बनाने की शक्ति को प्राकृतिक रूप से बढ़ाता है।

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रोजाना सुबह खाली पेट पानी पीने के आधे घंटे बाद 20 से 30 मिलीलीटर आंवला जूस में दो चुटकी हल्दी मिलाकर सेवन करें। लगातार ऐसा करने से मात्र 7 दिनों में ही शरीर के बढ़े हुए शुगर लेवल में तेजी से गिरावट आती है।

# कड़ी पत्ता या मीठा नीम :

कड़ी पत्ते के अंदर इतने अधिक औषधीय गुण पाए जाते हैं कि इसके इस्तेमाल से कई तरह की गंभीर बीमारियों में अद्भुत परिणाम मिलते हैं। कड़ी पत्ते के अंदर कुछ ऐसे तत्व मौजूद हैं। जो कि शुगर की मात्रा को बढ़ने से रोकते हैं और साथ ही यह लंग कैंसर और महिलाओं के रीप्रोडक्टिव सिस्टम से जुड़ी हुई कई तरह की बीमारियों को सफलतापूर्वक ठीक करने में सक्षम है। इसका उपयोग करने के लिए 8 से 10 ताजे कड़ी पत्ते को पीसकर उसकी चटनी बना ले।

उसके बाद एक गिलास पानी में इस चटनी को डालकर तब तक उबालें जब तक कि पानी आधा ना हो जाए। उसके बाद इसे छान लें और हल्का गर्म होने के बाद इसे चाय की तरह पिए। इसका सेवन हफ्ते में तीन बार दिन में खाना खाने के बाद या शाम के समय किया जा सकता है। अच्छे परिणाम के लिए अगर आप चाहे तो चुटकी भर दालचीनी पाउडर और हल्दी पाउडर भी मिला सकते हैं।

# आम के पत्ते  :

आम के पत्तों का हमारे शरीर पर ग्लाइकोश्रमिक इफेक्ट होता है। यानी कि इसके इस्तेमाल से यह हमारी आंतों की चीनी सोखने की क्षमता को धीमा बनाता है। जिसकी मदद से हमारे शरीर में धीरे-धीरे ग्लूकोस की मात्रा कम होती जाती है।

आम के पत्तों का इस्तेमाल करने के लिए पांच से छह आम के पत्तों को कूटकर इसकी चटनी बना ले।  इसके बाद इस चटनी को एक गिलास पानी में डालकर रात भर गलने के लिए रख दें। उसके बाद इस पानी को छानकर खाली पेट सेवन करें। आम के पत्तों के का यह पानी हमारे शरीर के इंसुलिन लेवल को बढ़ाने और शुगर लेवल को कम करने के लिए बहुत उपयोगी होता है।

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# जामुन : 

आयुर्वेद में डायबिटीज के लिए जामुन और जामुन के बीजों का इस्तेमाल पुराने समय से किया जा रहा है। काफी लोग इसके इस्तेमाल से डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल को आसानी से कंट्रोल रखने में सफल भी हुए हैं। वैसे तो जामुन एक सीजनल फूड है। लेकिन इसके बीजों का इस्तेमाल साल भर किया जा सकता है। जामुन एक बहुत ही पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है। जो हमारे इम्यून सिस्टम को तेजी से बूस्ट करता है।  इसके अंदर विटामिन-ए और विटामिन-सी की मात्रा होती है। जो कि डायबिटीज के साथ-साथ आंखों और त्वचा के लिए भी बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है।

जामुन के सीजन में जामुन का इस्तेमाल सुबह के नाश्ते के साथ किया जा सकता है।  साथ ही इसके बीजों को सुखाकर पाउडर बनाकर दिन में दो बार भोजन के बाद एक एक चम्मच गर्म पानी में मिलाकर इसका सेवन किया जा सकता है। यह इतना असरदार है कि मात्र 7 से 8 दिनों में ही डायबिटीज पर इसका असर ब्लड शुगर टेस्ट के जरिए देखा जा सकता है।

# करेला :

करेले में पॉलीपेप्टाइड पी नाम का प्लांट इंसुलिन पाया जाता है. ये ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में मदद करता है. करेले को सब्जी या किसी भी प्रकार में बनाकर खा सकते हैं. इसके अलावा आप करेले का जूस बनाकर भी पी सकते हैं

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# सेब :

सेब में भारी मात्रा में फाइबर होता है. फाइबर डायबिटीज में बहुत कारगार साबित होता है. साथ ही इसमें केमिकल पेक्टिन भी होते हैं. जो शरीर में ग्लूकोज के लेवल को 50 फीसदी तक कम करने की क्षमता रखते हैं.

# मेथी के दाने :

मेथी डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद हैं. मेथी दाने फाइबर युक्त होते हैं और शरीर में इंसुलिन की मात्रा को बढ़ाने में मदद करते हैं. इसके अलावा ये ब्लड शुगर लेवल को भी नीचे रखते हैं.

# चुकंदर :

चुकंदर में काफी पोषण होता है और ये कई तरह के मिनरल और विटामिन से भरपूर होता है. अगर आप डायबिटीज से ग्रसित हैं तो आपको अपने खाने में चुकंदर जरूर लेना चाहिए. आप इसे उबाल कर, कच्चा या सलाद के रूप में खा सकते हैं.

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खाने में इन चीजों का करें सेवन :

दिन में तीन समय खाने की बजाय उतने ही खाने को छह या सात बार में खाएं। गेहूं और जौ 2-2 किलो की मात्रा में लेकर एक किलो चने के साथ पिसवा लें। इस आटे की बनी चपातियां ही भोजन में खाएं। मधुमेह रोगियों को अपने भोजन में करेला, मेथी, सहजन, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, ब्रौकोली, टमाटर, बंद गोभी और पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए।

फलों में जामुन, नींबू, आंवला, टमाटर, पपीता, खरबूजा, कच्चा अमरूद, संतरा, मौसमी, जायफल, नाशपाती को शामिल करें। आम, केला, सेब, खजूर तथा अंगूर नहीं खाना चाहिए क्योंकि इनमें शुगर ज्यादा होता है।

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