भारत के इस गाँव में फ्री में मिलती है कैंसर की दवा, दुनिया भर से भी आते हैं मरीज

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चौंक जायेंगे जानकर भारत की इस जगह के बारे में जहाँ कैंसर बीमारी से निजात के लिए देश भर से ही नहीं बल्कि दुनिया भर के लोग यहां अपना इलाज कराने आते हैं। इस जगह के लिए कहा जाता है की यहाँ मरीजों को उनकी दवा से फायदा पहुंचता है इसलिए उनके यहां प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार को दिखाने वालों का ताता लगा रहता है। Free Cancer Medicine in Betul District

खबर अनुसार मध्य प्रदेश स्थित बैतूल जिले की ख्याति वैसे तो सतपुड़ा के जंगलों की वजह से है, मगर यहां के जंगलों में कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी को खत्म कर देने वाली बहुमूल्य जड़ी-बूटियां मिलने से भी यह देश-विदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस कारण इस दवा लेने के लिए यहां बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं।

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मन जाता है कि घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के ग्राम कान्हावाड़ी में रहने वाले भगत बाबूलाल पिछले कई सालों से जड़ी-बूटी एवं औषधियों के द्वारा कैंसर जैसी बीमारी से लोगों को छुटकारा दिलाने में लगे हुए हैं। साथ ही बता दें कि इस नेक कार्य के बदले में लोगों से वे एक रुपए तक नहीं लेते हैं।

Free Cancer Medicine in Betul District
Free Cancer Medicine in Betul District

मगर इस जगह में इलाज के लिए बाहर से आने वाले लोगों को एक दिन पहले नंबर लगाना पड़ता है। यदि किसी को यहाँ आना है तो एक दिन में करीब 1000 से ऊपर मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। मुख्यतः यहाँ महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहां एक दिन पहले ही रात में आ जाते हैं।

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कहा जाता है कि जड़ी-बूटी के इलाज के साथ परहेज भी भगत बाबूलाल जो जड़ी-बूटी देते हैं उसका असर परहेज करने पर ही होता है। मगर जड़ी-बूटियों से इस इलाज के दौरान मांस-मदिरा सहित अन्य प्रकार की सब्जियां प्रतिबंधित कर दी जाती है और जिनका कड़ाई से पालन करना होता है। वरना इन जड़ी-बूटी दवाईयों का असर नहीं होता है।

Free Cancer Medicine in Betul District
Free Cancer Medicine in Betul District

दावा तो ये भी किया गया है कि जिन लोगों ने नियमों का परिपालन कर दवाओं का सेवन किया हैं उन्हें काफी हद तक इससे छुटकारा मिला है। कहा जाता है कि भगत बाबूलाल सुबह से शाम तक खड़े रहकर ही मरीजों को देखते हैं और इस इलाज के मामले में वे इतने सिद्धहस्त हो चुके हैं कि अब तो मात्र नाड़ी पकड़कर ही मर्ज और उसका इलाज बता देते हैं।

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