हनुमानजी का एक ऐसा दरबार जहां पैर रखते ही मिट जाते है सारे दुःख दर्द

भारत देश में रहस्य भरे पड़े हैं। कोई भी क्षेत्र इन रहस्यों से अछूता नहीं है। कुछ तो ऐसे हैं जिन पर सहज विश्वास कर पाना संभव नहीं हैं, लेकिन जब पूरी चीजें आंखों के सामने हों तो अविश्वास के लिए जगह नहीं बचती…। यही विश्वास रोजाना हजारों लोगों को कटनी, रीठी के समीपी गांव मोहास स्थित हनुमान मंदिर तक ले जाता है। यहां लोग दर्द से कराहते हुए आते हैं और राहत भरी मुस्कुराहट लेकर जाते हैं। इस मंदिर में शरीर की टूटी हुई हड्डियां अपने आप जुड़ जाती हैं। आईए आपको मोहास के हनुमान मंदिर की आश्चर्य भरी विशेषताओं से अवगत कराते हैं… Hanumanji Temple Mohash Katni

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मध्यप्रदेश के कटनी जिले से लगभग 35 किमी दूर मोहास गांव में हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर हैं। इस मंदिर का चमत्कार जान कर आप आश्चर्य चकित हो जाएंगे । क्योंकि यह चमत्कार बहुत ही अद्भुत व अकल्पनिय हैं, जी हां यहां किसी अस्पताल से ज्यादा भीड़ हड्डी रोग से पीड़ित लोगों की लगती है। वैसे तो यहां से कोई भी हनुमान भक्त खाली हाथ नहीं लौटता लेकिन यहां विशेषतौर पर यहां हड्डी रोग से ग्रस्त लोग आते है और खुशी-खुशी ठीक होकर जाते है। कई मरीज तो यहां स्ट्रेचर पर आते हैं, तो किसी को एम्बुलेंस में लाया जाता है। लेकिन यहां हड्डी रोग से परेशान लोगों का इलाज भगवान हनुमान की दिव्य शक्ति से स्वयं हो जाता है।

Hanumanji Temple Mohash Katni

दो दिन लगता है मेला

कहा जाता है कि जो भी इस मंदिर में दर्शन करता है उसकी टूटी हुई हड्डियां अपने आप जुड़ जाती हैं। वैसे तो इस मंदिर में रोज ही औषधि दी जाती है, पर मंगलवार तथा शनिवार की औषधि का प्रभाव ज्यादा होता है, इसलिए इन दो दिनों में ज्यादा मरीजों की भीड़ आती है। रहवासियों का कहना है की यहां रोज लाखों की संख्या में मरीज़ आते हैं लेकिन कोई भी निराश होकर नहीं जाता। यहां मंदिर के बाहर बनी दुकानों पर हड्डियों के दर्द आदि को ठीक करने के लिए तेल भी बिकते हैं।

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पीड़ितों को खिलाते हैं औषधि

यह हनुमान जी का मंदिर हड्डी जोड़ने वाले हनुमान जी के नाम से भी जाना जाता है। यहां मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही पीड़ित व्यक्ति को आंख बंद करके राम-नाम का जाप करने की सलाह देते हैं। पीड़ित व्यक्ति जैसे ही आंख बंद कर जाप करने में मग्न रहता है तभी वहां के साधू व संत अपने सहयोगियों के साथ सभी को कोई औषधि खिलाते हैं। जो की कई तरह की जड़ी-बूटियों से मिलकर बनती है अत: यह प्राकृतिक औषधि होती है और पीड़ित को इसे चबाकर खाना होता है। वहीं औषधि खाने के बाद उन लोगों को घर जाने के लिए बोल दिया जाता है। उसके बाद औषधि के प्रभाव और हनुमान जी के आशीर्वाद से हड्डियां जुड़ जाती हैं।

नि: शुल्क मिलती है औषधि

स्थानीय जनों ने बताया कि मंदिर में इलाज व औषधि के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है। व्यक्ति की जो श्रद्धा बनती है, वह उसे दान पेटी में अर्पित कर देता है। बाहर दुकान में केवल तेल मिलता है। मालिश का यह तेल भी 50 या सौ रुपए में उपलब्ध हो जाता है। कटनी निवासी राजेश पाण्डेय ने बताया कि कुछ दिनों पहले उनका पैर फ्रैक्चर हो गया था। वह बाबा के दरबार पहुंचे। बगैर किसी डॉक्टरी उपचार के अब उनका पैर ठीक है।

Hanumanji Temple Mohash Katni

बड़वारा निवासी रामनारायण महोबिया ने बताया कि साइकल से गिरने के कारण उनका दाहिना हाथ टूट गया था, चिकित्सक ने एक्सरे के बाद हाथ में फैक्चर होने पर प्लास्टर की सलाह दी। पर उन्हें पता चला कि मोहास में दवा खाने से हड्डी जुड़ जाती है। इसलिए वे यहां मंदिर पहुंच गए। औषधि खाने के बाद अब उनका हाथ उनका पूरी तरह से ठीक है। बताया गया है कि हनुमानजी के दरबार से आज तक कोई भी निराश होकर नहीं लौटा है।

बजरंग बलि बनाते हैं ‘जोड़ियां’ :

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित हनुमान जी का यह मंदिर लोगों की शादियां कराने के लिए प्रसिद्ध है। रामदूत श्री हनुमान वैसे तो बाल ब्रह्मचारी माने जाते हैं लेकिन जबलपुर के आगासौद गांव में प्राचीन हनुमान मंदिर में हनुमान जी भक्तों की शादियां कराते हैं। जी हां यहां जो भी आकर अपनी शादी की अर्जी लगाता है, उसकी शादी बजरंग बलि बिना किसी अड़चन पूरी करवाते हैं। लोगों की मंदिर पर इतनी श्रद्धा है कि वह मानते हैं हनुमान जी अर्जी लगाने के 90 दिन के अंदर ही शादी करवा देते हैं। जिस वजह से यह मंदिर ‘शादी वाले हनुमान वाले मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है।

लाल कपड़े में बंधा नारियल करवाता है हाथ ‘पीले’ :

हनुमान जी के इस चमत्कार के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में विवाह के लिए प्रार्थना करने पर जल्द ही कुंवारे स्त्रियों-पुरुषों के हाथ पीले हो जाते हैं। मंदिर में शादी की मनोकामना पूरी करने की प्रक्रिया भी काफी दिलचस्प बताई जाती है। दरअसल विवाह इच्छुक श्रद्धालुओं को तीन बार महावीर के दरबार में आना पड़ता है। सर्वप्रथम यहां आने वाले श्रद्धालु लाल कपड़े में मनोकामना मांग कर नारियल बांधते हैं। मनोकामना पूरी होने के बाद इस नारियल को बजरंगबली को अर्पित किया जाता है।जैसे ही बजरंग बलि अर्जी पूरी कर देते हैं इसके बाद यहां हवन किया जाता है हालांकि हवन मंदिर समिति करवाती है। बताया जाता है कि प्रतिदिन यहां लाखों की संख्या में लोग शादी की मनोकामना मांगने आते हैं। अब तक यहां हनुमान जी की कृपा से सैकड़ों जोड़े परियण-सूत्र में बंध चुके हैं। लोगों का मानना है कि शादी ही नहीं यहां विराजे हनुमान भक्तों के सभी तरह के कष्ट दूर करते हैं।

दोस्तों, यह जानकारी आपको कैसी लगी नीचे कमेंट बॉक्स में बताइये जरूर ! और इस मंदिर के बारे में आपके पास भी कोई जानकरी है जो आप शेयर करना चाहते हैं तो भी कमेंट करें

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