जिन घरों में अपनाए जाते हैं ये वास्तु नियम, होते हैं बहुत लकी

खुशहाल जीवन जीने के लिए परिवार, पैसा और शांति की जरूरत होती है। लेकिन उतना ही जरूरी होता है एक अच्छा घर का होना। सदियों से मकान बनाते समय बहुत सारी बातों का ध्यान रखा जाता है। जैसै घर का मुख्य दरवाजा किस दिशा में होना चाहिए, रसोईघर कैसा और किस दिशा में बनाया जाए, सोने के कमरे या बच्चों के कमरे की दिशा क्या हो, खिड़कियां कहां और कैसी हों, आलमारी कहां बनवाई जाए या रखी जाए, शौचालय या स्नानघर किस दिशा में हो आदि। Important Vastu Tips For Home

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जिन घरों में वास्तु के ऐसे नियमों का पालन किया जाता है उस घर में हमेशा सुख और समृद्धि आती है। वास्तुशास्त्र के नियमों को ध्यान में रखकर हम अपने घर में खुशहाली ला सकते हैं, कामयाबी पा सकते हैं और अपने भविष्य को संवार सकते हैं। आइए जानते है घर का वास्तु कैसा होना चाहिए।

मुख्य दरवाजे की दिशा :

Important Vastu Tips For Home

पूर्व की दिशा में सूर्योदय होने से इस तरफ से सकारात्मक व ऊर्जा से भरी किरणें हमारे घर में प्रवेश करती हैं। घर के मालिक की लंबी उम्र और संतान सुख के लिए घर के मुख्य दरवाजे और खिड़की का पूर्व दिशा में होना शुभ माना जाता है। बच्चों को भी इसी दिशा की ओर पढ़ाई करनी चाहिए। इस दिशा में दरवाजे पर मंगलकारी तोरण लगाएं तो इसका सकारात्मक प्रभाव और ज्यादा होता है।

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रसोईघर की दिशा :

पश्चिम दिशा की जमीन का ऊँचा होना आपकी सफलता व कीर्ति के लिए शुभ संकेत है। आपका रसोईघर और टॉयलेट इस दिशा में हो तो सबसे बेहतर। यह दिशा सौर ऊर्जा की विपरित की दिशा हैं अतः इसे ज्यादा से ज्यादा बंद रखना चाहिए।

बालकनी की दिशा :

उत्तर दिशा में घर का प्रवेश द्वार होना बहुद शुभ और लाभकारी होता है। उत्तर दिशा में सबसे ज्यादा खिड़की और दरवाजे होने चाहिए। घर की बालकनी व वॉश बेसिन भी इसी दिशा में होना चाहिए। इस दिशा में वास्तुदोष होने पर धन की हानि व करियर में बाधाएँ आती हैं।

लॉकर की दिशा :

दक्षिण दिशा पर भारी सामान रखने से घर के सदस्य सुखी, समृद्ध और निरोगी होते हैं। आलमारी का लॉकर भी इसी दिशा में रहे पर उसमें बढ़ोतरी होती है। दक्षिण दिशा में किसी भी प्रकार का खुलापन, शौचालय आदि नहीं होना चाहिए।

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मुख्य द्वार का दिशा :

उत्तर-पूर्व की दिशा को ईशान दिशा कहा जाता है। वास्तु में इस दिशा को बहुत ही शुभ दिशा मानी जाती है। ईशान दिशा जल की दिशा होती है। इस दिशा में बोरिंग, स्वीमिंग पूल, पूजास्थल आदि होना चाहिए। घर के मुख्य द्वार का इस दिशा में होना वास्तु की दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है।

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