भगवान् जगन्नाथ जी के रथयात्रा का संक्षिप्त परिचय

उड़ीसा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी शहर में जगन्नाथ मंदिर स्थित है। यह मंदिर भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) को समर्पित है। जगन्नाथ मंदिर एक हिन्दू मंदिर है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत के स्वामी होता है। इनकी नगरी ही जगन्नाथपुरी या पुरी कहलाती है। पुरी के महान मन्दिर में तीन मूर्तियाँ हैं –

Introduction of Lord Jagannath chariot in Hindi

मन्दिर में मूर्तियाँ : –
भगवान जगन्नाथ (श्री कृष्ण), बलभद्र (बलराम), उनकी बहन सुभद्रा की।

मूर्तियों की विशेषता :
ये सभी मूर्तियाँ काष्ठ की बनी हुई हैं।

मन्दिर की स्थापना :
इन मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा राजा इन्द्रद्युम्न ने मंत्रोच्चारण व विधि – विधान से की थी। महाराज इन्द्रद्युम्न मालवा की राजधानी अवन्ति से अपना राज–पाट चलाते थे।

रथ यात्रा :
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास में शुक्ल द्वितीया को होती है। यह एक विस्तृत समारोह है। जिसमें भारत के विभिन्न भागों से आए लोग सहभागी होते हैं। दस दिन तक यह पर्व मनाया जाता है। इस यात्रा को ‘गुण्डीय यात्रा’ भी कहा जाता है। गुण्डीच का मन्दिर भी है।

भगवान् जगन्नाथ जी के रथ का संक्षिप्त परिचय

1. रथ का नाम -नंदीघोष रथ

2. कुल काष्ठ खंडो की संख्या -832

3. कुल चक्के -16

4. रथ की ऊंचाई- 45 फीट

5. रथ की लंबाई चौड़ाई – 34 फ़ीट 6 इंच

6. रथ के सारथि का नाम – दारुक

7. रथ के रक्षक का नाम- गरुड़

8. रथ में लगे रस्से का नाम- शंखचूड़ नागुनी

9. पताके का रंग- त्रैलोक्य मोहिनी

10. रथ के घोड़ो के नाम -वराह,गोवर्धन, कृष्णा, गोपीकृष्णा, नृसिंह,राम,नारायण, त्रिविक्रम, हनुमान, रूद्र ।।

बलभद्र जी के रथ का संक्षिप्त परिचय

1. रथ का नाम -तालध्वज रथ

2. कुल काष्ठ खंडो की संख्या -763

3. कुल चक्के -14

4. रथ की ऊंचाई- 44 फीट

5. रथ की लंबाई चौड़ाई – 33 फ़ीट

6. रथ के सारथि का नाम – मातली

7.रथ के रक्षक का नाम-वासुदेव

8. रथ में लगे रस्से का नाम- वासुकि नाग

9. पताके का रंग- उन्नानी

10. रथ के घोड़ो के नाम -तीव्र ,घोर,दीर्घाश्रम,स्वर्ण नाभ ।।

सुभद्रा जी के रथ का संक्षिप्त परिचय

1. रथ का नाम – देवदलन रथ

2. कुल काष्ठ खंडो की संख्या -593

3. कुल चक्के -12

4. रथ की ऊंचाई- 43 फीट

5. रथ की लंबाई चौड़ाई – 31 फ़ीट 6 इंच

6. रथ के सारथि का नाम – अर्जुन

7. रथ के रक्षक नाम- जयदुर्गा

8. रथ में लगे रस्से का नाम- स्वर्णचूड़ नागुनी

9. पताके का रंग- नदंबिका

10. रथ के घोड़ो के नाम -रुचिका,मोचिका, जीत,अपराजिता ।।

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