Jagdeep Biography In Hindi | भोपाल की शान बढ़ाने वाले अभिनेता की कहानी

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जगदीप का जन्म 29 मार्च, 1939 को दतिया, मध्यप्रदेश में हुआ था। उनका असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी है। जगदीप (Jagdeep Biography In Hindi) का बचपन बेहद तंगहाली में गुजरा है। नन्हीं उम्र में ही जगदीप के सिर से पिता का साया उठ गया था, फिर बाद में माँ की मदद हेतु उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही अधूरी छोड़ दी थी।

जगदीप ने बॉलीवुड में करीब 400 फिल्मों में काम किया था. जगदीप ने कई फ़िल्मों में हास्य किरदार निभाए। हालांकि, फ़िल्म ‘शोले’ में उनके किरदार ‘सूरमा भोपाली’ को दर्शकों ने इतना पसंद किया गया कि वे दर्शकों के बीच इसी नाम से लोकप्रिय हो गये।

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घर परिवार :

अभिनेता जगदीप के पिता का नाम सैयद यवर हुसैन जाफरी और माता का नाम कनीज हैदर था अभिनेता जगदीप ने तीन शादियाँ की थी जिनमे उनकी पहली पत्नी का नाम नसीम बेगम था जिनसे उन्हें पुत्र हुसैन जाफरी और पुत्री शकीरा शफ़ी और सुरैया जाफरी हुए. दूसरी पत्नी का नाम सुघरा बेगम था जिनसे उन्हें अभिनेता जावेद जाफरी और नावेद जाफरी हुए जो फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। और तीसरी पत्नी नाज़िमा था जिनसे उन्हें पुत्री मुस्कान हुई

Jagdeep Biography In Hindi
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फ़िल्मी कॅरियर :

अपने हाव भाव से दर्शकों को हंसाने वाले जगदीप ने उस दौर में काम किया, जब फ़िल्म उद्योग में महमूद, जॉनी वॉकर, घूमल, केश्टो मुखर्जी जैसे हास्य कलाकार मौज़ूद थे। जगदीप ने अपने फ़िल्मी कॅरियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में बी. आर. चोपड़ा की फ़िल्म ‘अफसाना’ से की।

उन्हें इस किरदार के लिए तीन रुपये बतौर मेहनताना दिए जाने का वादा किया गया था लेकिन एक डायलॉग के बाद इस राशि को दोगुना कर दिया गया था. इसके बाद चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में ही उन्होंने ‘लैला मजनूं’ में काम किया।

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उसके बाद उन्हें के. ए. अब्बास, विमल राय ने भी मौके दिए। जगदीप ने हास्य भूमिका विमल राय की फ़िल्म ‘दो बीघा जमीन’ से करने शुरू किए थे इस फ़िल्म ने उन्हें एक नई पहचान दी। इसके बाद उन्होंने बहुत सी कामयाब फ़िल्मों में काम किया। अपने हास्य अभिनय से उन्होंने दर्शकों के दिल में अपने लिए जगह बना ली और फ़िल्म जगत् में सफलता हासिल की

जगदीप ने फिल्मों सिर्फ साइड एक्टर और कॉमेडियन ही नहीं बल्कि लीड रोल भी किए हैं. उन्होंने ‘पुराना मंदिर’ नाम की एक भुतिया फिल्म में भी अभिनय किया और ‘अंदाज अपना अपना’ में सलमान खान के पिता का यादगार किरदार निभाया.

जगदीप आखिरी बार साल 2017 में आई फिल्म ‘मस्ती नहीं सस्ती’ में नजर आए थे. इसमें उनके साथ जॉनी लीवर, कादर खान, शक्ति कपूर और रवि किशन जैसे कई एक्टर नजर आए थे.

यादगार भूमिका :

रमेश सिप्पी की ब्लाकबस्टर फिल्म शोले (1975) से जयदीप को विशेष पहचान मिली. इस फिल्म में उन्होंने सूरमा भोपाली का किरदार निभाया था. जिसके बाद से उन्हें सूरमा भोपाली के नाम से भी जाना जाने लगा. इस कॉमिक कैरेक्टर से जगदीप को काफी नाम और पहचान मिली, जगदीप ने अपनी अदायगी से इस कैरेक्टर को अमर कर दिया.

खास तौर पर भोपाल के कल्चर को पर्दे पर उस कदर उतारने में जगदीप ने जो काम किया उसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा. भोपाली किस कदर पान खाते हैं वे किस तरह से बोलते हैं उन सभी बारीकियों को जगदीप ने अपने किरदार के माध्यम से पर्दे के जरिए लोगों के सामने प्रस्तुत किया.

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इस फिल्म में जयदीप लकड़ी का कारोबार करने वाले एक शख्स की भूमिका में थे जिसके जरिए जय (अमिताभ) और वीरू (धर्मेंद्र) खुद को कानून के हवाले करवाते हैं. फिल्म में छटे हुए बदमाश के किरदार को पकड़वाना जयदीप के किरदार सूरमा भोपाली के लिए किसी शेखी से कम नहीं था. अपने कॉमिक कैरेक्टर में नामी चोरों को पकड़वाने और खुद की तारीफ करने की जो एक्टिंग जयदीप ने की वह दर्शकों के दिलों में अमर हो गई.

Jagdeep Biography In Hindi
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निधन :

एक हास्य अभिनेता के रूप में प्रसिद्धि पा चुके जगदीप का निधन 81 साल की उम्र में बांद्रा में अपने घर पर 8 जुलाई, 2020 को हुआ। बढ़ती उम्र से होने वाली दिक्कतों के चलते उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।

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