कान पर दिखाई देने लगे बाल, तो हो जाएं सावधान

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मित्रों इस सृष्टि में कुछ भी होता है, उसका संकेत हमे पहले ही मिल जाता है, इसी तरह से अगर हमारे शरीर में कोई भी अंग पर कुछ तिल, मसा, उंगलियों के नाखूनों का साफेद होना, कान पर बाल का होना या फिर सीने पर बाल को होना आदि किसी न किसी के संकेतक माने जाते है, इन सभी का कोई न कोई संकेत होता है पर हमे इस संबंध में ज्ञात नही होता है कि आखिर इसके क्या मायने है पर आज हम कुछ ऐसी बातो का खुलासा करने वाले है जिसे आप जानकर हैरानी में पड़ जायेगें।

अक्सर हम अपने आस-पास बहुत से ऐसे लोगों को देखते हैं, जिनके कानों पर बाल होते हैं | कानों के बाल कुछ लोगों के हल्के-फुल्के होते हैं, जबकि कई लोगों के कानों पर इनकी मात्रा ज्यादा होती है | वास्तव में कानों के बाल किसी को नहीं सुहाते हैं | ये खुद को तो बुरे लगते ही हैं, देखने वाले को भी ठीक नहीं लगते हैं | मतलब ये पूरी शक्ल सूरत को बिगाड़ कर रख देते हैं | यहाँ एक संदेह हम सभी के मन में आता है की, सभी के कानों पर बाल नहीं होते हैं, कुछ ही लोगों के कानों पर बाल होते हैं, अर्थात यह सामान्य इंसानी स्थिति नहीं है |

बिलकुल सही है, कानों पर बाल आने की समस्या कुछ ही लोगों में होती है | प्राचीन समय में इसे एक अनुवांशिक समस्या के तौर पर देखा जाता था, और आज भी ऐसा देखने को मिलता है की कानों पर बाल की समस्या अक्सर पारिवारिक पृष्टभूमि से ही जुडी होती है | हालाँकि नवीनतम शोध में यह बात भी हमारे सामने आ चुकी है कि, कानों पर बाल का आना सिर्फ अनुवांशिक ही नहीं हो सकता है | जिन लोगों के कान पर बाल हैं, कोई जरुरी नहीं है कि उनके पिताजी के कानों पर भी होंगे ही | अत्यधिक धूम्रपान, शराब के सेवन, और शरीर में किसी रोग के कारणवस होने वाले हार्मोनल परिवर्तन कि वजह से भी आपके कानों पर बाल आ सकते हैं |

हालिया दौर में एक शोध के अनुसार सबसे ज्यादा कानों पर बाल आने कि समस्या सिगरेट का धुंआ खींचने वाले लोगों में दिख रही है, अर्थात आप भी धूम्रपान की आदतों से मजबूर हैं तो इस समस्या के शिकार हो सकते हैं | कारण जो भी हो, कानों पर बाल आना आपके व्यक्तित्व के आकर्षण को कम करता है | कुछ लोगों के कानों मे इतनी ज्यादा मात्रा में बाल होते हैं की, सबसे पहले नजर कानों के बालों पर ही जाती हैं | आइये आज आपकी कानों के बाल के बारे में जानकारी को बढ़ाते हैं, और जानते हैं कि, कानों के बाल के बारे में ज्योतिशास्त्र क्या कहता है ? कानों पर अनचाहें बालों का होना सिर्फ सौंदर्य से जुडी हुई समस्या है, या इससे अन्य परेशानी या समस्या हो सकती है ? इस के बारे में विज्ञानं का क्या दृष्टिकोण है ?

१. क्या कहता है ज्योतिषशास्त्र :

प्राचीन भारतीय ज्योतिशास्त्र के अनुसार जिन व्यक्ति के कानों पर बाल होते हैं, ऐसे व्यक्ति स्वाभाव से बेहद चतुर होते हैं | ये हर स्थिति में अपना काम किसी तरह निकलना अच्छी तरह जानते हैं| इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है कि इनका काम बनने के लिए , दूसरों का काम बने या बिगड़ें | साथ ही ऐसे लोग बेहद घमंडी और स्वार्थी भी होते हैं |

दूसरों का हक़ छीनकर खा लेना इनकी नियत होती है | यही कारण है की राजनीति में भी इनकी बेहतर संभावनाएं होती हैं | लोगों को बरगला कर अपना काम निकलना इन्हें बखुबी आता है | लेकिन साथ ही ऐसे लोग बेहद व्यव्हार कुशल भी माने जाते हैं, अपना काम निकालने के लिए ये लोगों से काफी मीठा व्यव्हार रखते हैं, लेकिन काम निकलने के बाद इनके व्यहार का पैमाना बदल जाता है |

२. विज्ञान कि नजर में :

ये तो हुई ज्योतिषशास्त्र की बातें, लेकिन जब हम कानों के बाल के संदर्भ में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझने का प्रयत्न करते हैं, एक ऐसी खबर है जो ऐसे लोगों की नींद उड़ा सकती है | एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार जिन लोगों के कान पर बाल होते हैं, ऐसे लोग ह्रदय रोग से पीड़ित होते हैं | इस भयानक बीमारी की वजह से कभी भी उन्हें दिल का दौरा भी पड़ सकता है | इस शोध कि रिपोर्ट कि माने तो, कानों के बाल और हार्ट अटैक में काफी गहरा सम्बन्ध है |
यह खबर वाकई जिन लोगों के कानों पर बाल हैं, उन्हें विचलित करने वाली है | अब तक जिस समस्या को लोग, शरीरी के अन्य हिस्सों पर बाल उगने जैसी बात मान कर बैठ जाते थे, अगर वह ह्रदय से सम्बंधित बिमारियों कि पहचान है, तो वाकई सोच और मानसिकता को बदल कर रख देने वाली बात है | ऐसे लोगों के ऊपर ह्रदय गति रुक जाने का खतरा भी होता है, यह भी अत्यंत भयावह है |

३. हो जाए सावधान :

इस झटका देने वाली खबर के बाद, अगर आपके भी कानों पर बाल आ रहे हैं तो आपको बिलकुल सावधान होने कि आवश्यकता है | इस तरह कानों पर बाल का आना आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है | इसे यूँ ही शरीर के अन्य अंगों पर बाल उगने कि तरह बिलकुल न लें | यह लापरवाही आपके लिए बड़ी मुश्किल कि वजह बन सकती है | विशेषकर ह्रदय गति का रुक जाना वह अवस्था है, जिस में रोगी के पास बिलकुल समय नहीं होता है | सिर्फ कुछ पल में इलाज कि आवश्यकता होती है, अगर क्षणिक मात्र में इलाज नहीं पहुच सका तो अप्रिय घटना घट सकती है |

४. तत्काल अपने डॉक्टर से संपर्क करें :

अगर आपके कानों पर भी बाल दिख जाएँ तो बेहतर यही होगा कि आप अपने फैमिली डॉक्टर से मिलें | उन्हें अपनी चिंताओं और शोध के बारे में जानकारी दे | उसके बाद नियमित रूप से अपने ह्रदय संबंधी जांच कराते रहे | ह्रदय रोग कि समस्यायों का सूत्र ब्लड प्रेशर से भी काफी जुड़ा होता है | अगर किसी प्रकार के लक्षण हो तो तत्काल उपचार हेतु आवश्यक दवाएं लें और किसी प्रकार कि लापरवाही न बरते |

अगर लक्षण न हो, फिर भी कम से कम छः माह के अंतराल पर नियमित रूप से चेकअप जरूर कराएं | दुर्घटना से सावधानी भली | साथ ही अगर आपके परिवार में या दोस्तों में किसी को यह समस्या है तो बिल्कुल भी इंतजार न करें, कि वे भी कभी इस आलेख को पढ़ के जानकारी हासिल करने के बाद डॉक्टर के पास जायेंगे | बेहतर होगा आप ही उन्हें इसके बारे में जानकारी दें, और नियमित रूप से चेकअप कि सलाह दें |

५. नियमित रूप से ब्लड प्रेशर जाँच कराएं :

ह्रदय रोगी कि समस्याएं ब्लड प्रेशर से भी काफी हद तक जुडी होती हैं | इसलिए नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर भी जाँच कराते रहे | ब्लड प्रेशर न ज्यादा होना चाहिए और न ही कम होना चाहिए | यह हर स्थिति में संतुलन मे ही होना चाहिए | जो भी स्थिति हो उसके अनुसार आप डॉक्टर से दवाइयां लें | दवाइयों के साथ ही खान-पान में परहेज रखें और ऐसे खाद्य पदार्थ न लें, जिसकी वजह से रक्तचाप अनियमित हो |

६. धूम्रपान छोड़े :

अगर आप अधिक मात्रा में धूम्रपान के आदि हैं, तो अभी से सिगरेट को हाथ न लगाने का प्रण लें | सिगरेट कानों पर बाल आने कि प्रमुख वजह माना जाता है | वैसे भी सिगरेट के धुएं का सर्वाधिक असर, फेफड़े और ह्रदय पर ही पड़ता है | धूम्रपान सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ही है, इसमें कोई लाभ नहीं होता | ऐसे में अगर आपको खुद के स्वावस्थ्य और परिवार के भविष्य कि तनिक भी चिंता हैं, तो बिना किसी हिचक के सिगरेट से नाता तोड़ें, अन्यथा जिंदगी किसी दिन आपसे रूठ कर नाता तोड़ लेगी |

अब तक हम कानो कि समस्या को सिर्फ शारीरिक बनावट और आकर्षण में गिरावट के रूप में मानते आये हैं, लेकिन इसे लेकर अब से बेहद सजग हो जाने कि जरुरत है | हाँ, इस आलेख के माध्यम से अनावश्यक रूप से डरने कि आवश्यकता भी नहीं नहीं है, हमारा प्रयास आपको सिर्फ सतर्क करना मात्र है | बिना किसी शंका को मन में पालें, आराम से अपने स्वास्थ्य का अच्छे से चेकअप कराएं |

वैसे भी शहरी जीवनशैली में रहने वाले लोगों को वर्ष में कम से कम दो बार अपने स्वास्थ्य का नियमित चेकअप करवाना ही चाहिए | शहरी जीवनशैली बेहद भाग-दौड़, तनाव, और काम शारीरिक परिक्षम वाली है, साथ ही भोजन में भी काफी मिलावटी चीजें होती हैं, फलस्वरूप कोई न कोई समस्या या रोग होते ही रहते हैं | अगर चेकअप में किसी प्रकार के लक्षण दिखें, तो तुरंत दवाएं लें | कान पर बालों के बावजूद ह्रदय रोग से छुटकारा पाया जा सकता है |

 

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