पैन कार्ड के 10 नंबरों में छिपे है आपकी जिंदगी के ये राज!!

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जमीन, मकान, सोना कुछ भी आज की तारीख में अगर आप खरीदने जाते हैं तो आपके लिए पैन कार्ड की अनिवार्यता होती है। यही नहीं अपने ही बैंक खाते में अगर आप पैसा जमा कराने जाते हैं तो वहां भी पैन नंबर देना जरूरी हो गया है। पर क्या आप जानते हैं कि आपके पैनकार्ड में दर्ज 10 अंक का मतलब क्या है। 10 अंकों के 10 मायने हैं। इन 10 नंबरों से ही आपकी जिंदगी से जुड़ी प्रत्येक महत्वपूर्ण जानकारी सरकार या संस्थान तक पहुंचती है। Meaning of PAN Card Number

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भारत में किसी भी प्रकार के वित्तीय लेनदेन का लेखा जोखा आयकर विभाग रखता है। ऐसे में किस आदमी ने कब कहां और कितना खर्च किया इसका हिसाब किताब रखने के लिए एक ऐसे नंबर की अनिवार्यता थी जिससे हर भारतीय का इकोनॉमिक फेस तैयार किया जा सके। आप बैंक अकाउंट तो बहुत सारा खुलवा सकते हैं पर पैन नंबर सामान्य तौर पर नहीं बदलना चाहिए।

Meaning of PAN Card Number
Meaning of PAN Card Number

आयकर विभाग द्वारा जारी पैन कार्ड आज हर उस व्यक्ति के लिए अनिवार्य है जो किसी भी प्रकार का वित्तीय लेनदेन कर रहा हो। पैन कार्ड बैंक खाता धारकों और वित्तीय लेनदेन करने वाले लोगों के लिए एक प्रकार का पहचान पत्र के रूप में देखा जा सकता है। वित्तीय लेन-देन में जरूरी माने जाने वाले पैन कार्ड में दर्ज 10 नंबर की काफी उपयोगिता और महत्वपूर्ण है।

ये दस नंबर आपके सरनेम के साथ-साथ आपकी पूरी शख्सियत को बयां कर देते हैं। अगर आप पैन कार्ड धारक हैं, तो आप यह बात अच्छे से जानते होंगे कि आपके पैन कार्ड में आपकी जन्मतिथि के ठीक नीचे एक पर्मानेंट एकाउंट नंबर होता है। ये नंबर अंग्रेजी के बड़े अक्षरों से शुरू होते हैं और इसमें गणितीय संख्याएं भी शामिल होती हैं।

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ऐसे जानें PAN नंबर का मतलब :

पहले तीन कैरेक्टर:

यह AAA से लेकर ZZZ के बीच आम नागरिकों को दिया गया है। इसका चुनाव कंप्यूटर द्वारा किया जाता है।

चौथा कैरेक्टर:

आपके पैन नंबर का चौथा कैरेक्टर हमेशा आपके बारे में ये बताता है कि यह पैन किसी व्यक्ति का है, कंपनी का है, फर्म, ट्रस्ट या किसी लोकल अथॉरिटी का है। सामान्य तौर पर “P” लिखा होता है इसका मतलब होता है “person”। इसके अलावा C, H, F, A, T, B, L, J, और G भी दिए जाते हैं।

पांचवां कैरेक्टर:

आपके पैन का पांचवां लेटर हमेशा आपके सरनेम या लास्ट नेम का पहला अक्षर होता है। जैसे सिंह है तो s, गुप्ता है तो G लिखा होगा। पर अगर शादी के बाद या अन्य किसी वजह से आपका नाम बदलता है तो आपका पैन नंबर नहीं बदलता है।

छह से लेकर नौवां कैरेक्टर:

आपके पैन में छठे नंबर से लेकर नवें नंबर तक अंकों में दिया जाता है जो कि 0001 से लेकर 9999 के बीच में होता है। यहां भी इसका चुनाव कंप्यूटर द्वारा ही किया जाता है।

दसवां कैरेक्टर:

पैन कार्ड में आखिरी और दसवां नंबर इससे पहले कंप्यूटर द्वारा दिए गए चार डिजिट के आधार पर ही तैयार किया जाता है। इसके पीछे एक फॉर्मूला लगाया जाता है।

Meaning of PAN Card Number
Meaning of PAN Card Number

पैन कार्ड के लिए ऐसे करें आवेदन :

अगर आप आयकर भुगतान के दायरे में आते हैं तो आपको पैनकार्ड जरूर बनवा लेना चाहिए। ये बनवाना भी बहुत आसान है। वैसे तो ये काम तमाम आउटसोर्स एजेंसियां भी करती हैं लेकिन आप खुद ऑनलाइन भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। पैन कार्ड के लिए आपको 49 ए फॉम डाउनलोड करना होता है। इसे आप आयकर विभाग की वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।

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यह फॉर्म आयकर पैन सेवा केंद्रों पर भी उपलब्ध होता है। आवेदन के बाद आपको एक नंबर दिया जाता है। इसके जरिए आप यह पता कर सकते हैं कि आपका पैन कार्ड बनने की किस प्रक्रिया से गुजर रहा है और आपको यह कितने दिन में मिल जाएगा। पैन कार्ड बनवाने में 150 से 200 रुपए तक का खर्च आता है।

Meaning of PAN Card Number
Meaning of PAN Card Number

क्या हैं पैन कार्ड के फायदे :

इसके जरिये आयकर में होने वाली तमाम तरह की दिक्कतों से बच सकते हैं। आप इस कार्ड को किसी भी सरकारी संस्थान में अपने पहचान पत्र के रुप में भी पेश कर सकते हैं। कॉर्पोरेट ऑफिस से लेकर सरकारी दफ्तरों में भी काम आने वाला यह कार्ड देशभर में हर जगह मान्य होता है। सबसे अहम बात यह है कि अगर आप कई पर भी स्थाई जॉब के इतर काम करते हैं तो आप वित्तीय वर्ष के अंत में इसके जरिये अपना टीडीएस क्लेम कर सकते हैं।

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