आचार्य बालकृष्ण नहीं, यह 30 वर्ष का युवा है पतंजलि की सफलता के पीछे

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स्वामी रामदेव योग के माध्यम से पुरे विश्व में अपनी पहचान बना चुके है. लेकिन अब हम ये भी कह सकते है कि पतंजलि ने उनकी पहचान में चार चाँद लगा दिए है. पतंजलि ने विश्व की बड़ी बड़ी कंपनियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है. आज हम बात कर रहे है पतंजलि को उचाईयों तक ले जाने वाले शख्स की. इस नौजवान का नाम है आदित्य पिट्टी।

बाबा रामदेव और आदित्य पिट्टी की मुलाकात काफी समय पहले हुई थी बाबा गेरुआ वस्‍त्र पहनते हैं, तो आद‍ित्‍य प्रोफेशनल हैं और उनके द‍िमाग में केवल ब‍िजनेस बसता है। आदित्य लंदन के किंग्स कॉलेज में पढ़े है और आज रामदेव के साथ मिलकर पतंजलि के एफएमसीजी कारोबार को अरबों का बना दिया हैं। 11 हजार करोड़ की कंपनी पतंजलि आज देश की दिग्गज कंपनियों में से एक है।

जो पतंजलि ग्रुप साल 2013 में मात्र 1,000 करोड़ रुपए का था, वो आज लगभग 11 हजार करोड़ रुपए के साथ कई बड़ी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रहा है। इसी दौरान पतंजलि की सोल डिस्ट्रीब्यूटर पिट्टी ग्रुप का रेवेन्यू भी 1,200 करोड़ रुपए का हो गया है। इसी पिट्टी ग्रुप के साथ पार्टनरशिप के बाद 1997 में एक छोटी फार्मेसी चलाने वाली पतंजलि आज बहुराष्ट्रीय कंपनियों को चुनौती दे रही है। तब पतंजलि अपने प्रोडक्ट्स को आरोग्य केंद्र और चिकित्सालय के एक्सक्लूसिव नेटवर्क से बाहर भी बेचने का फैसला किया था।

पतंजलि के मॉडर्न ट्रेड डिस्ट्रिब्यूटर पिट्टी ग्रुप ने उसके प्रॉडक्ट्स की इंडियन कन्जयूमर्स के बीच ऐसी सुपर मार्केट्स में सस्ती दरों पर मार्केटिंग करके राष्ट्रवाद के उभार को भुनाने में बहुत मदद की। इस समय कंपनी के पास 10,000 फ्रेंचाइजी बेस्ड स्टोर्स का नेटवर्क है और इसके प्रॉडक्ट्स सैकड़ों डिस्ट्रिब्यूटर्स के जरिए लगभग 10 लाख किराना स्टोर्स में बिक रहे हैं। आदित्य पिट्टी ने स्वामी रामदेव की चुनौती उठाकर अपनी क्षमता को साबित कर दिया।

बाबा रामदेव और आदित्य पिट्टी की चार साल पहले हुई मीटिंग दो एकदम अलग शख्सियत की मुलाकात थी। कम से कम उन दोनों के लुक के हिसाब से तो ऐसा ही था। भगवा चोले में दाढ़ी वाले रामदेव किंग्स कॉलेज लंदन से पढ़े 30 साल के नफीस आदित्य के साथ थे। लेकिन देखने में एकदम अलग दोनों जब साथ आए तो अरबों का एफएमसीजी कारोबार खड़ा हो गया।

देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी पतंजलि लगभग दो दर्जन मेनस्ट्रीम एफएमसीजी प्रॉडक्ट्स- टूथपेस्ट, शैंपू और दूसरे पर्सनलकेयर प्रॉडक्ट्स से लेकर कॉर्नफ्लेक्स और इंस्टैंट नूडल्स जैसे मॉडर्न फूड प्रॉडक्ट्स बेच रही है। 2013 में लगभग बमुश्किल 1000 करोड़ रुपये की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद आज 10,500 करोड़ रुपये की हो गई है और उसकी सोल डिस्ट्रिब्यूटर पिट्टी ग्रुप का रेवेन्यू जीरो से 1,200 करोड़ रुपये हो गया।

1991 में शुरू पिट्टी ग्रुप के सीईओ पिट्टी बताते हैं, ‘मेरे पिता स्वामीजी और आचार्यजी (पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण) से आठ नौ साल से परिचित थे। जब मैंने स्वामी जी को पतंजलि के समूचे ऑर्गनाइज्ड चैनल के लिए सप्लाई चेन नेटवर्क का सिंगलविंडो सर्विस बनाने का प्रस्ताव दिया तो उन्होंने उसको तीन चार मिनट में ही ओके कर दिया।’ पिट्टी का रियल एस्टेट का कारोबार है, वह स्पिरिचुअल चैनल शुभ टीवी चला रहे हैं और इनके पास फ्रोजेन चेन योगर्टबे में मेजॉरिटी स्टेक है। आदित्य के पिता कृष्णकुमार पिट्टी बाबा रामदेव के अनुयायी रहे हैं।

1997 में छोटी फार्मेसी से शुरू हुई पतंजलि चार साल पहले पिट्टी ग्रुप के साथ पार्टनरशिप के बूते देश में दशकों से जमी मल्टिनैशनल्स के दबदबे को चुनौती देने लगी। तब उसने अपने प्रॉडक्ट्स को आरोग्य केंद्र और चिकित्सालय के एक्सक्लूसिव नेटवर्क से बाहर भी बेचने का फैसला किया। पतंजलि के मॉडर्न ट्रेड डिस्ट्रिब्यूटर पिट्टी ग्रुप ने उसके प्रॉडक्ट्स की इंडियन कन्जयूमर्स के बीच एसी सुपर मार्केट्स में सस्ती दरों पर मार्केटिंग करके राष्ट्रवाद के उभार को भुनाने में बहुत मदद की।

मुंबई में कंपनी की इस जनरल ट्रेड पार्टनर ने इसके लिए प्रॉडक्ट्स की दूसरी कंपनियों के मुकाबले ज्यादा प्राकृतिक और ज्यादा स्वास्थ्यकर वाली छवि बनाई। इस समय कंपनी के पास 10,000 फ्रेंचाइजी बेस्ड स्टोर्स का नेटवर्क है और इसके प्रॉडक्ट्स सैकड़ों डिस्ट्रिब्यूटर्स के जरिए लगभग 10 लाख किराना स्टोर्स में बिक रहे हैं।

आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक पिट्टी ने रामदेव की चुनौती उठाकर अपनी क्षमता को साबित कर दिया। बालकृष्ण कहते हैं, ‘उन्होंने शुरू में थोड़ा वक्त लिया लेकिन जल्द ही उन्होंने बड़े पैमाने पर कॉन्ट्रिब्यूशन देना शुरू कर दिया। इससे उन पर हमारा भरोसा ऐसा जमा कि उनको और जिम्मेदारियां दीं। वह मेहनती और र्इमानदार हैं और वह पतंजलि को अच्छी तरह से समझते हैं।’ पतंजलि के लिए सबकुछ आसान नहीं रहा, जिसके सामान ज्यादातर रेफरेंस पर बिकते थे। हालांकि, जो बाजार में एमआरपी पर हेवी डिस्काउंट चलता है, उसमें पतंजलि ने अपने पूरे डिस्ट्रीब्यूशन चैनल पर जीरो डिस्काउंट की फिलॉस्फी अपनाई है।

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