अगर आपकी कुंडली में भी हैं मंगल तो ध्यान रखें ये खास बातें

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Mangal Dosh in Kundali
Mangal Dosh in Kundali

कुंडली में मंगल दोष यानि मांगलिक होना, जिसका सीधा अर्थ पुत्र या पुत्री के विवाह में आने वाली बाधा से होता है। आज के समय में लोग मांगलिक सुन कर भयभीत हो जाते है लेकिन मांगलिक होना इतना भी भयानक नहीं है जितना वर्तमान में लोग समझते हैं। ज्योतिष के अनुसार आजकल हर एक व्यक्ति किसी न किसी ग्रह दोष से ग्रस्त है। Mangal Dosh in Kundali

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आज हम आपको मंगल दोष को कम करने के कुछ खास उपाय बताने जा रहे हैं जिससे कुंडली में मौजूद मांगलिक दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है। अगर आपको है मांगलिक दोष तो न करे चिंता। इन उपायों को करने से होगा सब ठीक।

यदि आपका प्रेमी/प्रेमिका और आप में से कोई एक व्यक्ति मांगलिक है, तो विवाह से पूर्व पुन: विचार करें। यह संबंध शुभ नहीं है। लेकिन आप फिर भी विवाह करना चाहते हैं, तो विवाह से पूर्व मंगल दोष का उपाय अवश्य कर लें।

नहीं तो आपको भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना होगा। इसलिए बेहतर है कि आप मंगल दोष का उपाय जरूर करें ताकि आपको भविष्य में किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ न हो।

Mangal Dosh in Kundali
Mangal Dosh in Kundali

मंगल दोष के उपाय में कुंभ विवाह और वट – विवाह मुख्य माने जाते हैं। प्रेम – विवाह से पूर्व संख्या शास्त्र की सहायता से संबंधों की जांच – पड़ताल अवश्य कर लें या करवा लें। शत्रु अंकों से प्रेम और प्रेम – विवाह से बचना ही अच्छा है। जैसे 4 – 9, 1 – 8, 2 – 3, 2 – 5 इत्यादि। ये मिलन शुभ नहीं हैं। इस प्रकार के अंकों से बचें, यह आपके लिए शुभ होगा।

ऐसा होने से नहीं लगता है वैवाहिक जीवन में मांगलिक दोष

  • मंगल दोष के परिहार स्वयं की कुंडली में (मंगल भी निम्न लिखित परिस्तिथियों में दोष कारक नहीं होगा)—जैसे शुभ ग्रहों का केंद्र में होना, शुक्र द्वितीय भाव में हो, गुरु मंगल साथ हों या मंगल पर गुरु की दृष्टि हो तो मांगलिक दोष का परिहार हो जाता है।
  • वर-कन्या की कुंडली में आपस में मांगलिक दोष की काट- जैसे एक के मांगलिक स्थान में मंगल हो और दूसरे के इन्हीं स्थानों में सूर्य, शनि, राहू, केतु में से कोई एक ग्रह हो तो दोष नष्ट हो जाता है।
  • मेष का मंगल लग्न में, धनु का द्वादश भाव में, वृश्चिक का चौथे भाव में, वृष का सप्तम में, कुंभ का आठवें भाव में हो तो भौम दोष नहीं रहता।
  • कुंडली में मंगल यदि स्व-राशि (मेष, वृश्चिक), मूलत्रिकोण, उच्चराशि (मकर), मित्र राशि (सिंह, धनु, मीन) में हो तो भौम दोष नहीं रहता है।
  • सिंह लग्न और कर्क लग्न में भी लग्नस्थ मंगल का दोष नहीं होता है। शनि, मंगल या कोई भी पाप ग्रह जैसे राहु, सूर्य, केतु अगर मांगलिक भावों (1,4,7,8,12) में कन्या जातक के हों और उन्हीं भावों में वर के भी हों तो भौम दोष नष्ट होता है। यानी यदि एक कुंडली में मांगलिक स्थान में मंगल हो तथा दूसरे की में इन्हीं स्थानों में शनि, सूर्य, मंगल, राहु, केतु में से कोई एक ग्रह हो तो उस दोष को काटता है।
  • कन्या की कुंडली में गुरू यदि केंद्र या त्रिकोण में हो तो मांगलिक दोष नहीं लगता अपितु उसके सुख-सौभाग्य को बढ़ाने वाला होता है।
  • यदि एक कुंडली मांगलिक हो और दूसरे की कुंडली के 3, 6 या 11वें भाव में से किसी भाव में राहु, मंगल या शनि में से कोई ग्रह हो तो मांगलिक दोष नष्ट हो जाता है।
  • कुंडली के 1,4,7,8,12वें भाव में मंगल यदि चर राशि मेष, कर्क, तुला और मकर में हो तो भी मांगलिक दोष नहीं लगता है।
  • वर की कुण्डली में मंगल जिस भाव में बैठकर मंगली दोष बनाता हो कन्या की कुण्डली में उसी भाव में सूर्य, शनि अथवा राहु हो तो मंगल दोष का शमन हो जाता है।
  • जन्म कुंडली के 1,4,7,8,12,वें भाव में स्थित मंगल यदि स्व, उच्च मित्र आदि राशि -नवांश का, वर्गोत्तम ,षड्बली हो तो मांगलिक दोष नहीं होगा।
  • यदि 1,4,7,8,12 भावों में स्थित मंगल पर बलवान शुभ ग्रहों कि पूर्ण दृष्टि हो तो भी मांगलिक दोष नहीं लगता।

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अचूक उपाय :

  • यादि कोई व्यक्ति मंगल दोष से ग्रस्त है तो तुरंत उसे हनुमान जी की आराधना शुरु कर देनी चाहिए। रोज़ाना हनुमान चालीसा का पाठ और मंगलवार का व्रत करना चाहिए।
  • मंगल ग्रह की शांति के लिए मंगलवार को हनुमान जी को भोग लगाएं और बच्चों में मीठी चीज़ बाटें।
  • मंगलवार को लाल रंग के वस्त्र और सिंदूर हनुमान जी को चढ़ाना चाहिए।
  • मांगलिक व्यक्ति को गुस्सा अधिक आता है इसको शांत करने के लिए मंगलवार को किसी भी चीज़ का दान करें या गरीबों में मीठी चीज़ बांटनी चाहिए।
  • मंगल दोष को कम करने के लिए अपने माता-पिता की सेवा करते रहना चाहिए।
  • मांगलिक जातक को अपने घर पर नीम का पेड़ लगाना चाहिए।
  • मंगलवार एक कुत्ते को रोटी खिलानी चाहिए।
  • हर मंगलवार को शिवलिंग पर कुमकुम चढ़ाएं। इसके साथ ही शिवलिंग पर लाल मसूर की दाल और लाल गुलाब अर्पित करें।
Mangal Dosh in Kundali
Mangal Dosh in Kundali

मंगल दोष के अन्य उपाय :

  • जिसका मंगल है उसे निरंतर हनुमानजी की भक्ति करते रहना चाहिए।
  • मंगल खराब की स्थिति में सफेद रंग का सूरमा आंखों में डालना चाहिए।
  • घर से बाहर निकलते समय गुड़ खाना चाहिए।
  • भाई और मित्रों से संबंध अच्छे रखना चाहिए।
  • हमेशा क्रोध और वाचालता से दूर रहें।
  • पिता और गुरु का सदा सम्मान करें।

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