तो इस देवता से किन्नर करते हैं शादी, जानिए कौन हैं वो

किन्नरों के बारे में बहुत सारी बातें हैं जो हम नहीं जानते हैं लेकिन कहा जाता है कि अगर किसी किन्नर ने आपको दिल से आशिर्वाद दिया है तो वो बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है. इसलिए लोग किन्नरों का दिल दुखाना अच्छा नहीं समझते हैं. आज हम उनकी जिंदगी से जुड़ी एक ऐसी बात बताने वाले हैं जिसके बारे में शायद ही लोगों को पता होगी. दरअसल किन्नर भी शादी करते हैं और ये बात सिर्फ उन्ही लोगों को पता होती है. तो चलिए जानते हैं पूरी खबर… Marriage Of Transgender

किन्नर की शादी :

एक कथा है जिसकी परंपरा को किन्नर आज भी निभा रहे हैं और इसी कथा अनुसार किन्नर शादी भी करते हैं. अब सभी के दिमाग में ये बात आ रही होगी कि आखिर वो कौन है जिससे किन्नरों की शादी होती है. तो आपको बता दें किन्नर किसी और से नहीं बल्कि अपने देवता अरावन जिनके माता-पिता थे अर्जुन और नाग कन्या उलूपी. अगर हम कथा के बारे में बात करें तो महाभारत युद्ध से पहले पांडवों ने मां काली की पूजी की थी और इस पूजा के बाद किसी राजकुमार को बलि पर चढ़ाना था.

इसके लिए कोई भी राजकुमार तैयार नहीं हो रहा था तो अरावन ने खुद को बलि पर चढ़ाने के लिए हामी भर दी थी. लेकिन अरावन ने इसके लिए एक शर्त रखा कि वो बिना शादी के बलि पर चढ़ने को तैयार नहीं होगा इसलिए पहले उसकी शादी कराई जाए फिर वो बलि दे देगा. अब सवाल ये था कि वो कौन स्त्री होगी जो एक रात के लिए शादी के और फिर विधवा हो जाए. इस बात का हल निकाला श्री कृषण ने. उन्होंने मोहिनी रुप धारण किया और फिर अरावन से शादी के विधवा बनने को तैयार हो गए. इसी प्रथा के चलते किन्नर अपने देवता अरावन से शादी करते हैं.

हमारे देश में तमिलनाडु राज्य के एक देवता अरावन की पूजा की जाती है. कई जगह है कि अरावन या इरावन के नाम से भी जाना जाता है. अरावन हिजड़ो के देवता हैं इसलिए दक्षिण भारत में किन्नरों को अरावनी कहा जाता है. किन्नरों और अरावन देवता के संबंध में सबसे अचरज वाली बात यह है कि किन्नर अपने आराध्य देव अरावन से साल में एक बार विवाह करते हैं. हालांकि यह विवाह मात्र एक दिन के लिए होता है, अगले दिन अरावन देवता की मौत के साथ उनका वैवाहिक जीवन खत्म हो जाता है.

किन्‍नरों का विवाहोत्‍सव :

अगर आप बी चाहते है कि किन्नरों का विवाह देखे तो आप तमिलनाडु जा सकते है। यहां तमिल नववर्ष की पहली पूर्णमासी को किन्‍नरों के विवाह का उत्‍सव शुरू होकर 18 दिनों तक चलता है। 17वें दिन ये अपने भगवान इरावन के साथ ब्‍याह रचाते हैं और अगले दिन सारा श्रृंगार उतारकर विधवा की भांति विलाप करते हैं।

वैसे तो तमिलनाडु के कई हिस्सों में भगवान अरावन के मंदिर बन चुके हैं. पर इनका सबसे प्राचीन और मुख्य मंदिर विल्लुपुरम जिले में कुभगम्ब गांव में है, जो की कुंठ टावर टेंपल के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर में भगवान अरावन के केवल शीश की पूजा की जाती है. ठीक ठीक वैसे ही जैसे राजस्थान में खाटूश्यामजी में बर्बरीक के शीश की पूजा की जाती है.

ऐसे होता है अंतिम संस्कार :

किन्नरों से जुड़े तमाम बातों में लोग आज भी इस बात से अनजान हैं कि आखिर उनका अंतिम संस्कार कैसे और कब होता है। किन्नर अपने परिवार के किसी भी सदस्य की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार आधी रात को अंधेरे में करते हैं ताकि कोई उसे देख न सके। इसके पीछे मान्यता है कि यदि कोई मृत किन्नर का अंतिम संस्कार देख ले तो वह अगले जन्म में एक बार फिर किन्नर के रूप में जन्म लेता है। मृतक किन्नर को जलाने की बजाए उसे जमीन में दफनाया जाता है और इससे पहले उसे चप्पलों से पीटा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मृतक किन्नर के उस जन्म में किए सारे पापों का प्रायश्चित हो जाता है। किसी सदस्य की मौत के बाद किन्नर समाज उसका मातम नहीं मनाता क्योंकि उसका मानना है कि मृतक किन्नर को नारकीय जीवन से मुक्ति मिल गई। किन्नर बहुचरा माता की पूजा करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि अगले जन्म में वह किन्नर के रूप में न पैदा हों।

इन चीजों का कभी न करें दान :

किन्नरों को दिया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है लेकिन ज्योतिषविदों के मुताबिक किन्नरों को दिए गए दान से जहां किस्मत संवरती है, वहीं उन्हें कुछ वस्तुओं का दान आपके जीवन में दुर्भाग्य लाता है। यदि आप अपने घर में सुख-शांति चाहते हैं तो कभी भूलकर भी किन्नरों को स्टील का बर्तन, पुराने कपड़े, तेल और प्लास्टिक से बनी वस्तुएं दान में न दें। किन्नरों को दिया गया ऐसा दान न सिर्फ आपके घर में दुर्भाग्य लाएगा बल्कि परिजनों की सेहत पर भी बुरा असर डालेगा।

धन संबंधी दिक्कत को दूर करने के लिए :

यदि खूब मेहनत करने के बावजूद आपसे लक्ष्मी रूठी हुई हैं तो आप बुधवार वाले दिन किसी किन्नर के हाथ में पूजा की सुपारी के उपर सिक्का रखकर दान दें। यह उपाय धन के आगमन में आ रही सभी बाधाओं को दूर करके आपको सुख-समृद्धि प्रदान करेगा।

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