नवरात्र में जौ बोने के पीछे ये है वजह, छिपा है भविष्य का संकेत

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हेल्लो दोस्तों नवरात्र शुरू हो चुके हैं और इन दिनों हालांकि कोरोना वायरस के खतरा के तहत सरकार ने लॉकडाउन कर रखा है हिंदू धर्म के हर त्योहार में कई रीति-रिवाज होते हैं लेकिन अक्सर हमें इनके पीछे का उद्देश्य पता ही नहीं होता है. Navratri Jawara Prediction

नवरात्र में कलश के सामने गेहूं व जौ को मिट्टी के पात्र में बोया जाता है और इसका पूजन भी किया जाता है लेकिन अधिकतर लोगों को पता नहीं होगा कि जौ आखिर क्यों बोते हैं?

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नवरात्र में जौ बोने की परंपरा है मान्यता है कि सृष्टि की शुरुआत में सबसे पहली फसल जौ की ही थी. जौ को पूर्ण फसल भी कहा जाता है. जौ बोने का मुख्य कारण है कि अन्न ब्रह्म है इसलिए अन्न का सम्मान करना चाहिए.

कहते हैं नवरात्र पूजा में जौ कितनी तेजी के साथ बढ़ता है, ये भी अहम होता है. नौ दिनों में जौ कितना उग जाती है, यह हमारे भविष्य का भी संकेत करता है.

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Navratri Jawara Prediction

जवारे देते हैं भविष्य का संकेत :

जौ के जवारे आने वाले समय यानी आपके आने वाले भविष्य का संकेत देते हैं। जवारे के बेहतर होने और उसके रंग से उपासक के भविष्य का पता चलता है।

यदि अंकुरित जौ का रंग नीचे से पीला और ऊपर से हरा है तो इसका मतलब यह है कि जवारे बोने वाले उपासक का आने वाले साल का प्रारंभिक समय ठीक नहीं रहेगा लेकिन बाद का समय उसका बेहतर हो जाएगा।

यदि इसके उलट यानी अंकुरित जौ का रंग नीचे से हरा और ऊपर से पीला है तो इसका अर्थ यह है कि साल का प्रारंभ तो अच्छा रहेगा, लेकिन बाद में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

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हरे जवारे देते हैं शुभता के संकेत :

यदि जवारे का रंग प्राकृतिक आभा में हरा है तो यह साधक के लिए काफी शुभ संकेत है और ऐसी मान्यता है कि देवी ने आपकी भक्ति को स्वीकार कर लिया है। आपका आने वाला समय उत्तम रहेगा।

इसके विपरीत यदि जवारे सूख जाए या पीले होकर झड़ने लगे तो यह साधक के लिए अशुभ संकेत है ओर आने वाला समय देवी भक्त के लिए शुभ नहीं है। इससे देश और परिवार पर आर्थिक और सामाजिक हानि की पूरी सम्भावना रहती है

इस तरह की अशुभता के निवारण के लिए नवरात्रि की अंतिम तिथि नवमी को नवग्रह के नाम से 108 बार हवन में आहुति देने का विधान है। इस उपाय से भविष्य के संकटों का नाश होता है। मां के बीच मंत्र को बोलते हुए 1008 बार हवन करें। हवन के बाद मां की आरती करें। हवन की भभूत से रोज तिलक करना ना भूलें।

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जवारे की वृद्धि से समृद्धि के संकेत :

एक मान्यता यह भी है कि यदि जवारों में तेजी से वृद्धि होने लगे तो घर-परिवार में खुशियां और सुख-समृद्धि भी उसी तरह तेजी से आएगी। जवारे की धीमी बढ़ोतरी उपासक के खराब आर्थिक हालात और तकलीफों का संकेत देते हैं।

जौ के सीधे उगने को काफी शुभ संकेत माना जाता है जबकि काले रंग के टेढ़े–मेढ़े उगने को अशुभ संकेत माना जाता है। जौ का घना होना भी अच्छे भविष्य की निशानी है।

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