सावधान! नोटों और सिक्कों से भी हो सकता है कोरोना ? ऐसे करें बचाव

हेल्लो दोस्तों आज कोरोना वायरस का कहर भारत पर भी मंडरा रहा है इस वायरस से भारत में भी स्थिति ठीक नही है इसी संदर्भ में आज हम आपको इसके इन्फेक्शन के बारे में जानकारी दे रहे हैं कोरोना वायरस के पूरी दुनिया में दहशत का माहौल है। Notes and Coin Affect Corona Virus

हर रोज मौतों के बढते आंकडों ने सभी के होश उड़ा रखे हैं। हर व्यक्ति पूरा एहतियात बरत रहा है कि कहीं वो कोरोना से इन्फेक्टेड ना हो जाए। ऐसे में बड़ा सवाल भी सभी के दिमाग में है कि क्या कोरोना वायरस नोट और सिक्कों से भी हो सकता है। आइये समझते हैं।

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CCA (Currency Cycle Association) यानी नोटों के प्रबंधन से जुड़ी संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बैंक नोटों से कोरोना का संक्रमण का खतरा नहीं है। संस्था के हवाले से ये भी जानकारी दी गयी है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्टैंडर्ड के मुताबिक करेंसी नोटों से कोरोना वायरस नहीं फैलता है।

कोरोना वायरस के बारे में बताया जाता है कि यह किसी भी सतह पर कई घंटे रह सकता है इसलिए कोरोना वायरस से बचने के लिए सैनिटाइजर (Sanitizer) का और हाथ बार बार धोने के लिए कहा गया है लेकिन इस बीच नोटों और सिक्कों के इस्तेमाल की तरफ लोगों का ध्यान नही गया है हालांकि इस बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के बाद रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने भी नोटिफिकेशन जारी कर लोगों से ऑनलाइन और कैशलेस पेमेंट करने की सलाह दी है

Notes and Coin Affect Corona Virus

आरबीआई का नोटिफिकेशन :

कोरोना वायरस से बचने के लिए रिज़र्व बैंक ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए लोगों को पेमेंट ऑनलाइन करने की सलाह दी है आरबीआई ने कहा है कि पेमेंट के लिए लोग अपनी सहूलियत के अनुसार मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, कार्ड आदि जैसे डिजिटल पेमेंट मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं और पैसे निकालने या बिल का पेमेंट करने के लिए भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. लोगों को ऑनलाइन पेमेंट करने में दिक्कत ना हो इसके लिए NEFT, IMPS, UPI और BBPS फंड ट्रांसफर की सुविधा 24 घंटे देगी.

नोटों में होते हैं हजारों बैक्टीरिया :

कागज़ के नोट पर हुए एक शोध में ये बात सामने आई है कि एक नोट में 26 हजार बैक्टीरिया होते हैं जो इंसान के हाथों से शरीर में प्रवेश कर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं इसी बात से अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना वायरस भी कागज़ के नोट से तेजी से फ़ैल सकता है.

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एटीएम कार्ड भी नही सुरक्षित :

कोरोना का खतरा कागज़ के नोटों पर ही नही बल्कि एटीएम यानि डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर भी मंडरा रहा है कोरोना वायरस प्लास्टिक पर भी 24 घंटे तक जिंदा रह सकता है ऐसे में जब कार्ड का इस्तेमाल एटीएम मशीन में किया जाता है इसके द्वारा वायरस आ सकता है इसलिए कार्ड का इस्तेमाल न करें और यदि करें तो हाथों को सैनिटाइज जरुर करें

सतर्कता बरतना क्यों जरूरी है? :

विश्व स्वास्थ्य संगठन के हवाले से जारी बयान में ये भी कहा गया है कि अगर आप पुराने करेंसी नोटों को छूते हैं, तो अपने हाथ को अच्छे से साफ जरूर करें। साथ ही ये जानकारी दी गयी है कि जहां जहां ये बीमारी फैली है वहां के देशों में ये हिदायत भी दी गयी है कि, आप सिक्के या पुराने नोट छूने के बाद अपने फेस पर बिल्कुल भी हाथ न लगाएं। ऐसे में साफ है कि सतर्कता से ही बचाव किया जा सकता है। पुराने सिक्के छूने के बाद खुद को सैनिटाइज जरूर करें।

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शोधकर्ताओं ने 10, 20 और 100 रुपये के नोटों के सैंपल इक्ट्ठा किए थे, ये नोट रेहड़ी पटरी वालों, राशन की दुकानों, Restaurants, हार्डवेयर की दुकानों और दवाई की दुकानों से इकठ्ठा किए गए थे.

वैज्ञानिको ने जब इन नोटों की जांच की तो पता चला कि 70 प्रतिशत नोटों पर फफूंद लगी थी, जबकि 9 प्रतिशत नोटों पर बैक्टीरिया और 1 प्रतिशत नोटों पर वायरस पाए गए. इन नोटों पर 78 तरह के रोगाणुओं की पहचान की गई, ये रोगाणु डायरिया, त्वचा के छाले, साइनस की समस्या, और फूड Poisoning सहित कई रोगों के लिए ज़िम्मेदार होते हैं

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