सिजेरियन डिलीवरी के बाद भूलकर भी न करें ये गलतियां

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आज के समय में सिजेरियन डिलीवरी एक आम बात है। बहुत सी महिलाएं अपना प्रसव कराने के लिए सी सेक्शन का सहारा लेती हैं। हालांकि सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपनी विशेष देखभाल की जरूरत पड़ती है। Precaution After Cesarean Delivery

जानकारी के अभाव में कुछ महिलाएं अपना उचित ध्यान नहीं रख पाती हैं जिससे उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

अगर आपकी भी सिजेरियन डिलीवरी हुई है तो इस आर्टिकल में हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद न करें ये गलतियां।

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सिजेरियन डिलीवरी क्या है? –

सिजेरियन सेक्शन पेट की सर्जरी करके बच्चे की डिलीवरी कराने की एक प्रक्रिया है। जो महिलाएं योनि के माध्यम से बच्चे को जन्म नहीं दे पाती हैं, उनकी डिलीवरी सिजेरियन सेक्शन से करायी जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल तीस प्रतिशत से अधिक महिलाएं सिजेरियन डिलीवरी से मां बनती हैं। आजकल यह अन्य देशों सहित भारत में भी डिलीवरी का एक प्रचलित तरीका बन गया है।

कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी में प्रॉब्लम होती है और कुछ महिलाएं वेजाइनल डिलीवरी नहीं कराना चाहती हैं तो ऐसी कंडीशन में ऑपरेशन से डिलीवरी करायी जाती है।

Precaution After Cesarean Delivery
Precaution After Cesarean Delivery

इसके अलावा कुछ महिलाओं को समय से पहले लेबर पेन शुरू हो जाता है और नॉर्मल डिलीवरी में दिक्कत आती है तो सिजेरियन का सहारा लिया जाता है।

सी-सेक्शन की जरूरत कब होती है? :

सी-सेक्शन करना है या नहीं, यह कई मामलों पर निर्भर करता है। आमतौर पर डॉक्टर गर्भावस्था के 39वें हफ्ते के बाद ही सिजेरियन डिलीवरी करते हैं, ताकि गर्भ में बच्चा पूरी तरह से विकसित हो जाए।

वहीं, अगर नॉर्मल डिलीवरी में प्रसव पीड़ा के दौरान गर्भवती और शिशु दोनों की जान को खतरा हो जाए या फिर योनी मार्ग से डिलीवरी होने में कठिनाई हो रही हो, तो भी सिजेरियन डिलीवरी का निर्णय लिया जाता है।

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इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान ही गर्भवती में विभिन्न जटिलताओं के लक्षण नजर आने पर डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं। इसके लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं :

  • शिशु को समस्या जैसे शिशु के दिल की धड़कन असामान्य है।
  • जब गर्भवती को कोई शारीरिक समस्या हो
  • गर्भाशय में शिशु की मुद्रा ठीक नहीं है। अगर शिशु क्रॉसवाइज यानी टेढ़ा या फिर ब्रीच यानी पैर नीचे की तरफ हैं, तो सी-सेक्शन का सहारा लिया जाता है।
  • अगर गर्भाशय का पहले भी ऑपरेशन हो चुका है।
  • गर्भाशय में जरूरत से ज्यादा सेल्स व कोशिकाओं के विकसित होने से बनने वाली गांठ
  • गर्भ में दो या दो से ज्यादा शिशु होने पर भी ऐसा किया जाता है
Precaution After Cesarean Delivery
Precaution After Cesarean Delivery

सिजेरियन के बाद इन चीजों से बचें –

सी सेक्शन डिलीवरी के बाद मां का शरीर बहुत नाजुक हो जाता है और उसे अतिरिक्त देखभाल की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कुछ महिलाएं ऐसी गलतियां कर बैठती हैं जिससे उनकी सेहत के लिए कई खतरे उत्पन्न हो जाते हैं। आइये जानते हैं सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या करने से बचना चाहिए।

अधिक देर तक ना लेटे रहें :

सिजेरियन डिलीवरी के बाद जब आपकी मूत्रनली (catheter) निकल जाए तब आपको अधिक देर तक बेड पर लेटने की गलती नहीं करनी चाहिए। आप जितना ज्यादा टहलेंगी उतनी ही जल्दी रिकवर होंगी।

डॉक्टरों का मानना है कि टहलने से सिजेरियन डिलीवरी से जल्दी उबरने में काफी मदद मिलती है। हालांकि आपको बहुत तेज टहलना या दौड़ना नहीं चाहिए, इससे आपको चक्कर आ सकता है या सिर दर्द हो सकता है। लेकिन लंबे समय तक बेड पर भी नहीं लेटे रहना चाहिए।

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भारी सामान उठाने से बचें :

अपने बच्चे को गोद में उठाने के अलावा सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपको कोई भी भारी चीज नहीं उठानी चाहिए। अगर आप हैवी चीज उठाती हैं तो आपके पेट पर लगे टांके पर दबाव पड़ेगा जिसके कारण टांका टूट सकता है और आपको ब्लीडिंग हो सकती है।

इसलिए जब तक घाव अंदर से ठीक ना हो जाए तब तक आपको भारी सामान उठाने से बचना चाहिए। प्रसूति विशेषज्ञों का मानना है कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के दो हफ्ते बाद तक कोई भारी सामान नहीं उठाना चाहिए।

अगर अपने बच्चे को झुककर उठाने में आपके पेट पर प्रेशर पड़ रहा हो और दर्द हो रहा हो तो किसी की मदद से अपने बच्चे को गोद में ले।

एक्सरसाइज ना करें :

अगर आप जल्दी ठीक होना चाहती हैं तो सिजेरियन डिलीवरी के बाद तुरंत एक्सरसाइज शुरू करने की गलती ना करें। जब तक आपका डॉक्टर आपको एक्सरसाइज करने की सलाह नहीं देते हैं तब तक अपनी मर्जी से कोई भी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए।

सी सेक्शन के दौरान कई टांके लगते हैं और पेट पर इतनी जल्दी प्रेशर डालना खतरनाक होता है और आपको ब्लीडिंग हो सकती है।

अगर आप बैठने रहना नहीं चाहती हैं तो अपने बच्चे को गोद में लेकर टहलें या फिर स्ट्रोलर में लेटाकर उसे पार्क में टहलाएं, इससे आपकी पर्याप्त फिजिकल एक्टिविटी हो जाएगी।

Avoid these things after Cesarean Delivery

मैटर्निटी बेल्ट ना पहनें :

डिलीवरी के बाद महिलाएं अपने पेट को लेकर काफी चिंतित रहती हैं। उन्हें लगता है कि अगर पेट निकल गया तो वो उम्र से ज्यादा दिखने लगेगी और उनकी बॉडी पहले जैसी अट्रैक्टिव नहीं रह जाएगी।

जब सिजेरियन डिलीवरी से बच्चा हुआ हो तो पेट निकलना स्वाभाविक है। लेकिन आपको अपनी बेली कम करने के लिए मैटर्निटी बेल्ट पहनने की बहुत जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

डिलीवरी के बाद आपकी समय के साथ अपनी साइज में दोबारा लौट आती है। अगर आप डॉक्टर की सलाह लिए बिना मैटर्निटी बेल्ट पहनने की जल्दबाजी करती हैं तो आपको हार्निया होने की संभावना बढ़ सकती है।

गर्म पानी से ना नहाएं :

सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपको अपने चीरे की अच्छी तरह से देखभाल करनी चाहिए। डॉक्टर ने आपको जो तरीका बताया हो, उसे अच्छे से फॉलो करना चाहिए और अपनी मर्जी से कोई घरेलू नुस्खा नहीं अपनाना चाहिए।

इसके अलावा सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपको गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए और गर्म पानी में शॉवर भी नहीं लेना चाहिए जब तक कि आपके पेट पर लगा चीरा पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता है। किसी की बातों में आकर गर्म पानी से ना तो पेट पोछें और ना ही नहाएं।

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कब्ज से बचें :

सी सेक्शन डिलीवरी के बाद ज्यादातर महिलाओं के पेट में कब्ज बनता है। इससे बचने की पूरी कोशिश करनी चाहिए। सिजेरियन डिलीवरी के बाद खुद को हाइड्रेट रखें और पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।

अगर आप सादा पानी नहीं पी पा रही हैं तो डॉक्टर से पूछकर पानी में शहद या नींबू डालकर पीएं। इसके अलावा भी अन्य पेय पदार्थों का सेवन करते रहें। ऐसा करने से आपको डिहाइड्रेशन नहीं होगा और पेट में कब्ज भी नहीं बनेगी।

वास्तव में सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट में कब्ज बनने से पेट फूलने लगता है जिसके कारण पेट पर प्रेशर बढ़ जाता है और टांके को सूखने में समय लग सकता है।

बच्चे को दूध पिलाना बंद ना करें :

ज्यादातर महिलाएं सिजेरियन डिलीवरी के बाद अपने बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराने में कठिनाई का अनुभव करती हैं। पेट पर चीरा लगने के बाद लंबे समय तक बच्चे को गोद में लेकर बैठकर स्तनपान कराने में परेशानी होना स्वाभाविक है।

ऐसे में आपको बच्चे को दूध पिलाना बंद नहीं करना चाहिए। आपको बैठने में दिक्कत हो रही है तो पीठे के पीछे मुलायम तकिया लगाकर और दीवार का सहारा लेकर बैठें या फिर लेटकर बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराएं।

आप जितना ज्यादा अपने बच्चे को स्तनपान कराएंगी, आपके ठीक होने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा बढ़ जाएगी।

Precaution After Cesarean Delivery
Precaution After Cesarean Delivery

सेक्स की जल्दबाजी ना करें :

सिजेरियन डिलीवरी के बाद हो सकता है कि आपका डॉक्टर आपको शुरूआत के छह हफ्तों तक सेक्स करने के लिए मना करे। लेकिन मूड बनने में आपको छह हफ्ते से भी अधिक समय लग सकता है।

इसके बारे में अपने पार्टनर से बात करें और उसके साथ रोमांस करने, प्यार करने और अंतरंग होने का कोई और तरीका निकालें। सेक्स करने की बहुत जल्दबाजी ना करें।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद अंदरुनी घाव को रिकवर होने में थोड़ा समय लगता है ऐसे में सेक्स के दौरान स्ट्रोक से आपकी परेशानी बढ़ सकती है।

अपनी मर्जी से पेनकीलर ना लें

सी सेक्शन की सर्जरी के बाद डॉक्टर आपको कुछ पेनकीलर देकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करते हैं। इसलिए किसी तरह की समस्या होने पर अपनी मर्जी से पेनकीलर ना खाएं।

अगर आप ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं तो डॉक्टर की सलाह के बिना पेनकीलर का सेवन आपके लिए खतरनाक हो सकता है।

सिजेरियन डिलीवरी के छह हफ्ते बाद रिकवर होने पर अपने डॉक्टर से बात करें और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को बताएं।

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इंफेक्शन को इग्नोर ना करें :

सिजेरियन डिलीवरी के बाद इंफेक्शन होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसलिए अपने शरीर के लक्षणों को हमेशा नोटिस करते रहना चाहिए।

अगर आपको बुखार, सिरदर्द महसूस हो या फिर मितली और उल्टी आए तो इन संकेतों को इग्नोर ना करें. चाहे भले ही आपके पेट पर लगा चीरा सूख गया हो। यह इंफेक्शन का लक्षण है। ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं अन्यथा आपकी परेशानी बढ़ सकती है।

सी सेक्शन के बाद क्या खाना चाहिए :

Precaution After Cesarean Delivery
  • कम वसा वाले डेयरी फ़ूड
  • खाना चाहिए पूरे अनाज
  • खाने में ओट्स को शामिल करना लाभदायक होता है
  • फल और सब्जियां
  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद अपने खाने में हल्दी शामिल करें
  • रोजाना अजवाइन का पानी भी पी सकती हैं
  • खाना पकाने के दौरान आप अपने भोजन में थोड़ा अदरक-लहसुन पेस्ट जोड़ मिला सकती हैं।
  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद जीरा का सेवन स्तन में दूध बनाने में मदद करता हैं
  • हींग को शामिल कर सकती हैं। यह बेहतर पाचन में सहायता के साथ पेट फूलना और गैस जैसी समस्या को दूर करती है।

क्या नही खाना चाहिए :

  • कार्बोनेटेड पेय जो गैस और पेट फूलना जैसी समस्यों का कारण बनते हैं।
  • खट्टे फल और साइट्रस रस सावधानी के साथ लिया जाना चाहिए। आप शुरुआत में उन्हें छोटी मात्रा में ले सकती हैं, और फिर इसे मध्यम मात्रा में बढ़ा सकती हैं।
  • कॉफी और चाय जैसे कैफीनयुक्त पेय को उनके मूत्रवर्धक गुणों के कारण कम मात्रा में लिया जाना चाहिए। क्योंकि, कॉफी और चाय में मौजूद कैफीन आपके बच्चे में विकास की समस्याएं पैदा कर सकता है।
  • अल्कोहल (शराब) से दूर रहें क्योंकि यह दूध पैदा करने की क्षमता को कम कर सकती है और आपके बच्चे में विकास संबंधी मुद्दों का कारण बन सकती है।
  • आपको सफेद मसूर, राजमा, मटर, काले सेम, हरी मटर और अन्य धीरे-धीरे गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थों को कम मात्रा में लेना चाहिए। सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रारंभिक 40 दिनों के लिए गोभी, फूलगोभी, ब्रोकोली, भिन्डी और प्याज जैसे अन्य गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
  • तला हुआ भोजन न खाएं क्योंकि उसे पचाना मुश्किल होता है, खासकर प्रसव के बाद के पहले दिनों में क्योकि वे अपचन, जलन और गैस का कारण बन सकते हैं।
  • ठंडे खाद्य पदार्थ और पेय से बचें। क्योकि इनसे आपको शीत पकड़ सकती हैं। और स्तनपान कराने वाली मां के रूप में, आप शीत या जुखाम के लिए दवा नहीं ले सकती हैं क्योंकि यह स्तन के दूध में जा सकती है।

VBAC (सिज़ेरियन के बाद नॉर्मल डिलीवरी) :

कई मामलों में अब महिलाएं अपना दूसरा बच्चा नॉमर्ल डिलीवरी (VBAC – vaginal birth after cesarean) से करना चाहती हैं. पर एक मिथ है कि पहला बच्चा अगर c-section से हुआ है तो दूसरे बच्चे का vaginal birth तकरीबन नामुमकिन होता है.

जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है. चलिए हम आपको बताते हैं कि ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद कैसे दूसरा बच्चा नॉर्मल डिलीवरी से हो सकता है. किसी भी बात पर कोताही न बरतना मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

इसलिए अगर आप सी-सेक्शन डिलीवरी (cesarean delivery) के बाद सामान्य डिलीवरी चाहती हैं तो अपनी डॉक्टर (Obstetrics and Gynaecology) से अच्छी तरह समझ लें कि आपके लिए यह कितना कारगर होगा और कितना नहीं.

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कब सुरक्षित नहीं होता VBAC का विकल्प? :

सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा-

  • अगर आप सी-सेक्शन के बाद सामान्य डिलीवरी का विकल्प अपनाना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले इस बात पर ध्यान देना होगा कि आपकी दोनों प्रेग्नेंसिज के बीच में कितना अंतराल है. कम से कम 18 महीने का अंतर होना जरूरी माना गया है.
  • अगर वजाइनल बर्थ का विकल्प चुनना है तो इसके लिए नौंवे माह में बच्चे के वजन पर नजर रखना जरूरी है. बच्चे का वजन काफी हद तक यह तय करता है कि डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन से.
Precaution After Cesarean Delivery
Precaution After Cesarean Delivery
  • डिलीवरी के समय बच्चे का सिर नीचे की तरफ होना चाहिए. ऐसा न होने पर स्थिति cesarean delivery की ओर ज्यादा झुक जाती है.
  • पहली प्रेगनेंसी के दौरान आखिर क्यों सिजेरियन करना पड़ा इसके पीछे के कारणों को भी नजर में रखा जाता है. इस बात का पूरा ध्यान दिया जाता है कि इस बार भी वही कारण न बने हुए
  • आपके पिछले घाव कितने भर चुके हैं इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाता है.

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