कभी सोचा है कि डोरेमॉन और निंजा हतोड़ी की आवाज़ के पीछे कौन है?

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यदि आपके घर में भी बच्चे है तो आप कार्टून कैरेक्टर्स से अच्छी तरह से परीचित होगें। कार्टून देखना बच्चो को तो क्या बडो को भी पंसद आता है। बच्चे इन्हे देखकर एक अलग ही दुनिया में खो जाते है। तो बडो को भी ये कुछ पल हंसने के दे जाते है। लेकिन कभी आपने सोचा है कि ऐनिमेटेड कार्टून को आवाज कौन देता है। टीवी पर हम जो नोबिता, डोरेमोन, निन्जा हथौडी, छोटा भीम, शीनशैन आदि की आवाज सुनते है। Real Voice Behind Cartoon Character

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आखिर उनके पीछे चहरा (real voice behind cartoon) किसका होता है। टीवी पर इन कार्टून करैक्टर को देखकर हमको एक बार तो यह लगता है। कि शायद यही इनकी असली आवाज है। लेकिन सच हम सब जानते है। कि ऐनिमेटेड कार्टून कैरेक्टर्स की आवाज डबिंग कलाकार निकालते है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ कलाकारो से मिलवा रहे है। आप इस वीडियो में इनके बारे में जान सकते है।

रूसी टेलर :

बचपन में देखें गये कार्टून मिकी माउस का करेक्टर तो आपको याद ही होगा। मिकी माउस की आवाज आज भी कही सुनाई दे तो हम पहचान सकते हैं कि ये तो मिकी माउस की आवाज है, क्या आप जानते हैं कि ये आवाज किसकी थी? ये आवाज रूसी टेलर की थी। रूसी टेलर अमेरिका की मशहूर वॉइस ओवर आर्टिस्ट थी।

रूसी टेलर पिछले 30 सालों से अपनी आवाज से लोगों का मनोरंजन कर रही थी, पर्दे के पीछे से अपनी आवाज को दिमाग में बैठाने वाली वॉइस ओवर आर्टिस्ट अब हमारे बीच नहीं रही। 75 साल की उम्र में शारीरिक परेशानियों के चलते उनका निधन हो गया।

सोनल कौशल, द वॉइस बीहाइंड डोरेमॉन :

बच्‍चों के सबसे पसंदीदा कार्टून बन चुके डोरेमोन में नोबिता की अजीब हरकतें बच्‍चों को हंसाती वहीं वहीं उसकी बातें भी कम मजेदार नहीं होती। इस जापानी कार्टून सीरिज को हिंदी में भी प्रसारित किया जाता है और क्‍या आप जानते हैं कि इन कार्टून कैरेक्‍टर्स को आवाज कौन देता है?

हंगामा टीवी पर आने वाला कार्टून शो डोरेमॉन मूलत: यह शो जापानी भाषा में है, लेकिन भारत में इसकी हिन्दी के अलावा अन्य भाषाओं में भी डबिंग की जाती है। इस जापानी कार्टून सीरिज को हिंदी में भी प्रसारित किया जाता है हिन्दी डबिंग में डोरेमॉन की आवाज़ सोनल कौशल देती हैं। सोनल सिर्फ डोरेमॉन की ही नहीं, छोटा भीम, माइटी राजू और पावरपफ गर्ल्स जैसे मशहूर एनिमेशन शो में भी अपनी आवाज़ से बच्चों का दिल जीत चुकी हैं।

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सोनल 25 साल की हैं और वो 2005 से ही डोरेमॉन की डबिंग कर रही हैं, जब वो 13 साल की थीं। एक ही ऑडीशन में वो इस डबिंग के लिए सेलेक्ट कर ली गई थीं। उस वक्त तक सोनल दूरदर्शन के एक शो के लिए वॉयस आर्टिस्ट के तौर पर काम कर चुकी थीं। सोनल की मां ऑल इंडिया रेडियो के दिल्ली स्टेशन में अनाउंसर थीं। तभी सोनल को पता चला कि यूटीवी एक कॉन्टेस्ट करा रहा है, जिसमें एक जापानी कार्टून शो के लिए वॉयस टेस्टिंग का ऑडिशन देना था। सोनल को केवल इतना बताया गया कि उनको एक रोबोट की तरह आवाज निकालनी है।

मेघना इरांडे :

बच्चों के फेवरेट कार्टून कैरेक्टर डोरेमॉन, निंजा हतोड़ी और नॉडी को तो आप भी बखूबी जानते ही होंगे। क्योंकि जिस घर में बच्चे होते हैं, उस घर में टीवी का रिमोट उनके हाथ में ही होता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि डोरेमॉन, निंजा हतोड़ी, पोकेमॉन, डेक्सटर में डी-डी और नॉडी की आवाज़ किसकी है? अलग-अलग तरह के इन सभी कार्टून कैरेक्टर को अपनी आवाज़ देने वाली हस्ती मेघना इरांडे हैं। मुंबई की रहने वाली 34 साल की मेघना इरांडे जब अपनी नॉर्मल आवाज छोड़कर इन कार्टून कैरेक्टर की भाषा बोलती हैं तो ऑडियंस बिल्कुल दीवानी हो जाती है।

विनोद कुलकर्णी :

अब तक तकरीबन 15000 से ज्यादा कॉमर्शियल्स में अपनी आवाज़ दे चुके विनोद कुलकर्णी देश के एक जाने माने वॉईस आर्टिस्ट हैं. विनोद, हिंदी, अंग्रेजी और मराठी भाषाओँ में वॉईस ओवर कर चुके हैं. विनोद हिंदी और मराठी फिल्मों में एक्टिंग में भी हाथ आजमा चुके हैं. लेकिन विनोद सबसे ज्यादा पहचाने अपनी आवाज़ की वजह से जाते हैं. कार्टून नेटवर्क पर आने वाले ‘रोल नम्बर 21’ के कंस को अपनी आवाज़ दी

सौरव चक्रवर्ती :

Real Voice Behind Cartoon Character
Real Voice Behind Cartoon Character

सौरव ने अपनी आवाज़ का जादू कई कार्टून फिल्मों और सीरियलों में बिखेरा है जिनमे सबसे लोकप्रिय हैं “मोटू और पतलू” तथा “ऑगी एंड दी कॉक्रोचेज़”। बच्चों के साथ-साथ बड़े भी इन सीरियलों को देखते नहीं थकते। सौरव को इस मुक़ाम तक पहुँचने में कई मुश्किलों से गुजरना पड़ा। इस क्षेत्र में आने से पहले ये फिल्मों में बतौर सहायक कलाकार के रूप में आये। सोनू सूद जैसे कई मशहूर अभिनेताओं के साथ सह-कलाकार भी बने।

F. I. R. जैसे मशहूर सीरियल में भी इन्होंने छोटे-मोटे रोल किये। धीरे-धीरे स्टैंडअप कॉमेडी में अपनी किस्मत आज़मायी और टीवी पर कई मिमिक्री शोज़ भी किये। सौरव की किस्मत ने उस समय करवट बदली जब शुगर-मीडिआज़, जो की फ़िल्मी दुनियाँ में डबिंग आर्टिस्ट मुहैया कराती है, की नज़र इन पर पड़ी। सौरव की बहुमुखी प्रतिभा का जादू इस कदर इन पर छाया की इन्होंने कई फिल्मों की डबिंग की ।

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कार्टून फिल्मों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए सौरव का नाम भी शुगर-मीडिआज़ के साथ-साथ जुड़ता चला गया। आज ये स्थिति है की एनीमेशन फिल्मों में सौरव का नाम निःसंकोच लिया जाता है और इनकी आवाज़ सुनते ही बच्चों, बूढ़ों और युवाओं की ज़िन्दगी में जैसे हंसी की लहर सी दौड़ पड़ती है।

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