जानिए किस दिशा में प्लॉट का मुख होना होता है शुभ

अक्सर हम घर खरीदते समय वास्तु नियमों को नजर अंदाज कर देते हैं। लेकिन वास्तु के सामान्य नियमों का ध्यान रखा जाए तो फिर आपके सपनों के घर को किसी की नजर नहीं लगेगी। पारिवारिक सुख, शान्ति और उन्नति के लिए प्लॉट खरीदने से पहले जरूरी है कि वास्तु नियमों का भी ध्यान रखा जाए। इसलिए हम आपको बताते हैं कुछ महत्वपुर्ण वास्तु टिप्स जो किसी भी प्लॉट को खरीदने से पहले ध्यान में रखे जाएं तो आने वाले दिनों में किसी भी किस्म की परेशानी से बचा जा सकेगा।

प्लॉट के चारों कॉर्नर 90 डिग्री पर हों यानि प्लॉट का आकार आयताकार या वर्गाकार हो। यदि प्लॉट उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ा हुआ हो तो भी ठीक है पर दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व में बढ़ा हुआ भूखंड उपयुक्त नहीं होता।

दो बड़े प्लॉट के बीच स्थित एक अपेक्षाकृत छोटा प्लॉट आर्थिक समृद्धि के लिए उपयुक्त नहीं होता है। अगर प्लॉट के उत्तर-पूर्व में कोई पानी का स्थान है तो यह शुभ होगा पर दक्षिण-पश्चिम दिशा में पानी का स्थान बिल्कुल नहीं होना चाहिए।

प्लाट टी पॉइंट पर नहीं होना चाहिए यानि प्लाट की किसी भी दीवार पर आकर कोई रास्ता बंद नहीं हो जाना चाहिए। प्लॉट के सामने कोई मंदिर, मकबरा, श्मशान नहीं होना चाहिए और उस पर न तो मंदिर या पीपल के पेड़ की छाया पड़नी चाहिए। इस बात का खास ख्याल रखें।

प्लॉट खरीदते समय जरूरी है कि दिशाओं का विशेष ध्यान रखें। किस दिशा का प्लॉट किस क्षे्त्र से जुड़े व्यक्ति के लिए महत्वपुर्ण है, ये प्लॉट खरीदने से पहले समझ लिया जाए तो अति-उत्तम रहेगा।

पूर्वमुखी प्लॉट :-

पूर्व को देखता हुआ प्लॉट शिक्षा, धर्म एवं अध्यात्म के कार्य मे लगे व्यक्तियों के लिए ठीक रहता है।

पश्चिम मुखी प्लॉट :-

पश्चिम को देखता हुआ प्लॉट समाज की सेवा करने वाले लोगों जैसे कि डॉक्टर के लिए उपयुक्त होता है।

उत्तर मुखी प्लॉट :-

उत्तर को देखता हुआ प्लॉट सरकारी सेवा, पुलिस, सेना में काम करने वालों के लिए उत्तम होता है। यह पदोन्नति के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है।

दक्षिण मुखी :-

दक्षिण को देखता हुआ प्लॉट व्यापारियों एवं व्यापारिक संस्थानों में काम करने वालों के लिए उपयुक्त होता है।

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