श्री श्री रवि शंकर जी के अनमोल विचार

1.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

प्रेम कोई भावना नहीं है. यह आपका अस्तित्व है.
Love is not an emotion. It is your very existence.

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2.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

मैं आपसे बताता हूँ, आपके भीतर एक परमानंद का फव्वारा है, प्रसन्नता का झरना है. आपके मूल के भीतर सत्य,प्रकाश, प्रेम है, वहां कोई अपराध बोध नहीं है, वहां कोई डर नहीं है. मनोवैज्ञानिकों ने कभी इतनी गहराई में नहीं देखा.
I tell you, deep inside you is a fountain of bliss, a fountain of joy. Deep inside your center core is truth, light, love, there is no guilt there, there is no fear there. Psychologists have never looked deep enough.

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3.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

श्रद्धा यह समझने में है कि आप हमेशा वो पा जाते हैं जिसकी आपको ज़रुरत होती है.
Faith is realizing that you always get what you need.

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4.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

“आज” भगवान का दिया हुआ एक उपहार है- इसीलिए इसे “प्रेजेंट” कहते हैं.
Today is a gift from God – that is why it is called the present.

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5.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

मानव विकास के दो चरण हैं- कुछ होने से कुछ ना होना;और कुछ ना होने से सबकुछ होना. यह ज्ञान दुनिया भर में योगदान और देखभाल ला सकता है.
Human evolution has two steps -from being somebody to being nobody;and from being nobody to being everybody.This knowledge can bringsharing and caring throughout the world.

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6.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

जब आप अपना दुःख बांटते हैं , वो कम नहीं होता. जब आप अपनी ख़ुशी बांटने से रह जाते हैं, वो कम हो जाती है.अपनी समस्याओं को सिर्फ ईश्वर से सांझा करें , और किसी से नहीं, क्योंकि ऐसा करना सिर्फ आपकी समस्या को बढ़ाएगा.अपनी ख़ुशी सबके साथ बांटें.
When you share your misery, it will not diminish. When you fail to share your joy, it diminishes. Share your problems only with the Divine, not with anyone else, as that will only increase the problems. Share your joy with everyone.

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7.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

दूसरों को सुनो ; फिर भी मत सुनो . अगर तुम्हारा दिमाग उनकी समस्याओं में उलझ जाएगा, ना सिर्फ वो दुखी होंगे , बल्कि तुम भी दुखी हो जओगे.
Listen to others; yet do not listen. If your mind gets stuck in their problems, not only are they miserable, but you also become miserable.”

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8.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes in Hindi

जीवन ऐसा कुछ नहीं है जिसके प्रति बहुत गंभीर रहा जाए . जीवन तुम्हारे हाथों में खेलने के लिए एक गेंद है . गेंद को पकड़े मत रहो.
Life is nothing to be very serious about. Life is a ball in your hands to play with. Don’t hold on to the ball.

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9.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

हमेशा आराम की चाहत में , तुम आलसी हो जाते हो. हमेशा पूर्णता की चाहत में तुम क्रोधित हो जाते हो.हमेशा अमीर बनने की चाहत में तुम लालची हो जाते हो.
In always wanting to be comfortable, you become lazy.In always wanting perfection, you become angry.In always wanting to be rich, you become greedy.

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10.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

बुद्धिमान वो है जो औरों की गलती से सीखता है. थोडा कम बुद्धिमान वो है जो सिर्फ अपनी गलती से सीखता है.मूर्ख एक ही गलती बार बार दोहराते रहते हैं और उनसे कभी सीख नहीं लेते.
Wise is the one who learns from another´s mistakes. Less wise is the one who learns only from his own mistakes. The fool keeps making the same mistakes again and again and never learns from them.

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11.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

ज्ञान बोझ है यदि वह आपके भोलेपन को छीनता है .ज्ञान बोझ है यदि वह आपके जीवन में एकीकृत नहीं है .ज्ञान बोझ है यदि वह प्रसन्नता नही लाता .ज्ञान बोझ है यदि वह आपको यह विचार देता है कि आप बुद्धिमान हैं . ज्ञान बोझ है यदि वह आपको स्वतंत्र नहीं करता .ज्ञान बोझ है यदि वह आपको यह प्रतीत कराता है कि आप विशेष हैं .
Knowledge is a burden if it robs you of innocence.Knowledge is a burden if it is not integrated into life.Knowledge is a burden if it doesn’t bring joy.Knowledge is a burden if it gives you an idea that you are wise.Knowledge is a burden if it doesn’t set you free.Knowledge is a burden if it makes you feel you are special.

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12.

Sri Sri Ravi Shankar Quotes

किसी ऐसे से प्रेम करना जिसे तुम चाहते हो नगण्य है किसी से इसलिए प्रेम करना क्योंकि वो तुमसे प्रेम करता है महत्त्वहीन है .किसी ऐसे से प्रेम करना जिसे तुम नहीं चाहते , मतलब तुमने जीवन का एक सबक सीख लिया है .किसी ऐसे से प्रेम करना जो बिना वजह तुम पर दोष मढ़े; दर्शाता है कि तुमने जीने की कला सीख ली है .
To love someone whom you like is insignificant.To love someone because they love you is of no consequence.To love someone whom you do not like means you have learned a lesson in life.To love someone who blames you for no reason shows that you have learned the art of living.

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13.

एक निर्धन व्यक्ति नया साल वर्ष में एक बार मनाता है . एक धनाड्य व्यक्ति हर दिन . लेकिन जो सबसे समृद्ध होता है वह हर क्षण मनाता है .
A poor man celebrates the New Year once a year. A rich man celebrates each day. But the richest man celebrates every moment.

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14.

अपने कार्य के पीछे की मंशा को देखो . अक्सर तुम उस चीज के लिए नहीं जाते जो तुम्हे सच में चाहिए .
Look into the motives behind your actions. Often you don’t go for things you really want.

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15.

यदि तुम लोगों का भला करते हो , तुम अपनी प्रकृति की वजह से करते हो .
If you do good for people, you are doing it out of your nature.

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16.

स्वर्ग से कितना दूर ? बस अपनी आँखें खोलो और देखो . तुम स्वर्ग में हो .
How far to heaven? Just open your eyes and look. You are in heaven.

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17.

तुम दिव्य हो .तुम मेरा हिस्सा हो . मैं तुम्हारा हिस्सा हूँ .
You are Divine. You are part of me. I am part of you.

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18.

तुम्हे सर्वोच्च आशीर्वाद दिया गया है , इस गृह का सबसे अनमोल ज्ञान दिया गया है . तुम दिव्य हो ; तुम परमात्मा का हिस्सा हो . विश्वास के साथ बढ़ो . यह अहंकार नहीं है . यह पुनः : प्रेम है .
You have been given the highest blessing, the most precious knowledge on this planet. You are the Divine Self; you are part of the Self. Walk with that confidence. It is not arrogance. It is, again, Love.

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19.

तुम्हारा मस्तिष्क भागने की सोच रहा है और उस अस्तर पर जाने का प्रयास नहीं कर रहा है जहाँ गुरु ले जाना चाहते हैं , तुम्हे उठाना चाहते हैं .
Your mind is trying to find an escape and does not want to rise to that level to which the master is trying to raise you, trying to pull you up.

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20.

चाहत , या इच्छा तब पैदा होती है जब आप खुश नहीं होते . क्या आपने देखा है ? जब आप बहुत खुश होते हैं तब संतोष होता है . संतोष का अर्थ है कोई इच्छा ना होना .
Want, or desire, arises when you are not happy. Have you seen this? When you are very happy then there is contentment. Contentment means no want.

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21.

इच्छा हमेशा मैं पर लटकती रहती है . जब स्वयं मैं लुप्त हो रहा हो , इच्छा भी समाप्त हो जाती है , ओझल हो जाती है .
Want is always hanging on to the I. When the I itself is dissolving, want also dissolves, disappears.

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22.

हर एक चीज के पीछे तुम्हारा अहंकार है : मैं , मैं , मैं , मैं . लेकिन सेवा में कोई मैं नहीं है , क्योंकि यह किसी और के लिए करनी होती है .
Behind everything is your ego: I, I, I, I. But in seva there is no I, because it has to be done for someone else.

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23.

दूसरों को आकर्षित करने में काफी उर्जा बर्वाद होती है . और दूसरों को आकर्षित करने की चाहत में – मैं बताता हूँ , विपरीत होता है .
Much energy is wasted in trying to charm others. And in wanting to charm – I tell you, the opposite happens.

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24.

तो क्या अगर कोई तुम्हे पहचानता है : ओह, तुम एक शानदार व्यक्ति हो . तो क्या ? उस व्यक्ति के दिमाग में वो विचार आया और गया . वह भी ख़त्म हो गया . वो विचार चला गया . हो सकता है कि कुछ दिन , कुछ महीने वो तुम्हारे प्रति आकर्षित रहे , तो क्या ? वो भी चला जाता है , ये भी चला जाता है .
So what if somebody recognizes you: Oh, you are a wonderful person. So what? In that person’s mind that thought came and went. It is also finished. That mind has gone. Maybe they keep an attraction for you for some days, some months, so what? That also goes it also goes.

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25.

स्वयं अध्यन कर के , देख कर , खोखले और खली होकर , तुम एक माध्यम बन जाते हो – तुम परमात्मा का अंश बन जाते हो . तुम देवत्त्व की उपस्थिति को महसूस कर सकते हो . सभी स्वर्गदूत और देवता , हमारी चेतना के ये विभिन्न रूप खिलने लगते हैं .
By self-study, by observing, by being hollow and empty, you become a channel – you become a part of the Divine. You are able to feel the presence of the Divinity. All the different angels and devas, all these different forms of our consciousness, start blossoming.

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26.

तुम्हारे अन्दर कोई भावना आई , अप्रिय भावना , और तुमने कहा , नहीं आणि चाहिए , ये फिर से नहीं आनी चाहिए . ऐसा करके तुम उसका विरोध कर रहे हो .जब तुम विरोध करते हो , वो कायम रहती है . बस देखो , ओह ! उसकी गहराई में जाओ . नाचो ; अपने पैरों पर खड़े हो और नाचो . मस्ती में रहो ; मस्ती में चलो .
Some feeling came into you, unpleasant feeling, and you said, Should not come, it should not come! Doing that, you are resisting it. When you resist, it persists. Just observe. See, Oh! Go deep into it. Dance; stand up on your feet and dance. Be intoxicated; move intoxicated.

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