कहीं आपके टूथपेस्ट और लिप बाम में भी मीठा जहर तो नहीं मिलाया जा रहा है

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पांच तत्वों से मिलकर बनी हुई यह सृष्टि वर्तमान समय में इतनी ज्यादा प्रदूषित हो चुकी है कि कोई भी तत्व धरती पर अब शुद्ध अवस्था में नहीं रहा है। हवा और पानी के ज़हरीले हो जाने से हमारे शरीर पर भी बहुत बुरा असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं रोजमर्रा की ज़िंदगी में हम जो भी कॉस्मेटिक उत्पाद इस्तेमाल कर रहे हैं, उनमें भी कई तरह के ज़हरीले तत्व पाए जाते हैं। ये हानिकारक तत्व धीमे ज़हर की तरह हमारे शरीर को धीरे-धीरे खोखला बना देते हैं।

ऐसा ही एक खुलासा हाल ही किए गये एक अध्ययन से पता चला है कि दैनिक जीवन से जुड़े उत्पाद जैसे टूथपेस्ट, लिप बाम, नैल पॉलिश, लिपिस्टिक आदि में कई तरह के घातक रसायन मौजूद हो सकते हैं, जो आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। तो जरा संभलकर अपना ध्यान ऱखिए, कहीं आपके टूथपेस्ट और लिप बाम में भी मीठा जहर तो नहीं मिलाया जा रहा है? यह ज़हरीला तत्व आपकी जान तक ले सकता है। इस ज़हरीले तत्व का नाम है ग्लिटर। जी हां, वहीं ग्लिटर जिसका इस्तेमाल अक्सर ग्रीटिंग कार्ड या स्कूल प्रोजेक्ट बनाने में किया जाता है।

यह चमकीला पदार्थ देखने में जितना आकर्षक लगता है, उतना ही हमारी और पर्यावरण की सेहत के लिए भी नुकसानदायक है। एक शोध में यह बात सामने आई है कि ग्लिटर पर्यावरण के साथ ही हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत खतरनाक साबित हो रहा है। यूके की प्लेमाउथ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस विषय पर शोध किया है। नतीजे काफी चौंकाने वाले आए हैं। मुख्य अनुसंधानकर्ता प्रोफेसर रिचर्ड थॉम्पसन ने इसे दुनिया भर में प्रतिबंध करने की मांग की है।

इस खतरनाक चमकीले पदार्थ ग्लिटर को बनाने के लिए एल्यूमीनियम और पीईटी नामक प्लास्टिक का प्रयोग किया जाता है। इन दोनों तत्वों के कारण ही ग्लिटर कई वर्षों तक नष्ट भी नहीं होता है। इस घातक तत्व को सौन्दर्य प्रसाधनों में, स्क्रब में और साबुन में एक्सफोलिएटर के रूप में प्रयुक्त किया जाता है।

इसी चमकीले तत्व से आपके टूथपेस्ट और लिप बाम को रंगीन और आकर्षक बनाया जाता है। यह सांस के जरिए फेफड़ों और आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। तो सावधान हो जाइए, क्योंकि हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती, बल्कि ज़हर भी हो सकती है।

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