सिरदर्द कब हो सकता है माइग्रेन, जानें इन लक्षणों से…

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रोज का सिरदर्द जब हद से गुजरने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह माइग्रेन भी हो सकता है। बेहतर होगा कि माइग्रेन के लक्षणों को समझें और सतर्क रहें।

माइग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति को रह-रहकर सिरदर्द के बहुत तेज अटैक पड़ते हैं। लोग समझते हैं कि माइग्रेन सिर्फ सिर के आधे हिस्से में होता है, लेकिन ऐसा नहीं है।

माइग्रेन आधे, पूरे या सिर के किसी भी भाग में हो सकता है। लगभग चार में से एक महिलाएं और 12 में से एक पुरुष माइग्रेन की समस्या से जूझते हैं। अमेरिका में इस समस्या से लगभग 30 प्रतिशत लोग ग्रस्त हैं, जबकि भारत में इससे कहीं ज्यादा लोग माइग्रेन की समस्या से परेशान हैं।

माइग्रेन एक प्रकार का दीर्घकालिक सिरदर्द है, जिसमें कई घंटों या कई दिनों तक तेज दर्द रह सकता है। इस दौरान सिरदर्द, जी मिचलाने, उल्टी, कानों का बजना, सुनने में तकलीफ जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

Symptoms and Treatment of Migraine in Hindi

ऐसे में घातक हो सकता है माइग्रेन :

Symptoms and Treatment of Migraine

आमतौर पर दो तरह के माइग्रेन अटैक होते हैं। ऑरा रहित माइग्रेन अटैक (कॉमन माइग्रेन) और दूसरा ऑरा माइग्रेन अटैक (क्लासिक माइग्रेन)। कॉमन माइग्रेन में आमतौर पर सिर के एक हिस्से में हल्का या बहुत तेज दर्द शुरू होकर पूरे सिर में दर्द फैल जाता है।

दर्द चार से 72 घंटे तक रह सकता है। क्लासिक माइग्रेन में दर्द कॉमन माइग्रेन की तरह ही होता है। फर्क बस इतना होता है कि इसमें पीड़ित व्यक्ति को वॉर्निंग साइन (ऑरा के रूप में) सिरदर्द होने से पहले ही नजर आने लगते हैं।

ऑरा यानी चमक कौंधना, काले धब्बे दिखना, चीजें घूमती या हिलती हुई नजर आना, हाथ-पैरों में झुनझुनाहट, फूड क्रेविंग, बोलने के समय कठिनाई महसूस करना जैसा प्रतीत होगा। ऐसी स्थिति में सिरदर्द शुरू होने से पहले ही दवाई के जरिए इसे रोका जा सकता है।

क्या है मुख्य वजह?

Symptoms and Treatment of Migraine

माइग्रेन की मुख्य वजह क्या है, इसका पता अब तक नहीं चल सका है। आमतौर पर माना जाता है कि मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में मौजूद ब्लड वेसल के सिकुड़ने के कारण पहले ऑरा और बाद में माइग्रेन की स्थिति उत्पन्न होती है। लेकिन जीवनशैली भी इसके लिए जिम्मेदार होती है।

महिलाओं में एस्ट्रोजेन हार्मोन का स्तर कम होने, पीरियड के समय या उससे पहले भी सिरदर्द हो सकता है। इसके अलावा कैफीन का अधिक उपयोग, अल्कोहल का सेवन, तनाव, बेचैनी, पर्याप्त नींद न लेना, अधिक यात्रा करना, मसालेदार भोजन करना, शारीरिक थकावट, संवेदनात्मक उत्तेजना, जैसे- तेज प्रकाश, फोटोफोबिया यानी प्रकाश से परेशान, तेज आवाज से समस्या, धूप से आंख चौंधियाना आदि माइग्रेन के कारण हैं।

माइग्रेन के लक्षण (Symptoms) :

Symptoms and Treatment of Migraine

Migraine की समस्या होने पर लोगो के जीवन में कई तरह के बदलाव आने लगते है , उनके दैनिक जीवन एवं प्रति दिन के रहन सहन में माइग्रेन का असर दिखने लगता है | माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति के स्वभाव में भी बदलाव होने लगता है | अक्सर माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति के बर्ताव में चिढचिढापन का असर दिखने लगता है , वो कोई भी छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करने लगता है | ऐसी प्रतिक्रिया वह माइग्रेन से होने वाले तनाव के कारण करता है |

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माइग्रेन के कुछ प्रमुख लक्षण (Few major symptoms of Migraine) :

Symptoms and Treatment of Migraine in Hindi

1. माइग्रेन होने पर जी मचलने लगता है, शारीर असहज महसूस करने लगता है|
2. उलटी आने लगता है |
3. सिर में भारी पन होने लगता है |
4. सर के पीछे की भाग जो गर्दन से सटा होता है उसमे दर्द महसूस करना |
5. तिव्र रौशनी से आंख में जोड़ पड़ना |
6. ज्यादा आवाज या शोर होने पर चिढचिढापन होना या महसूस करना|
7. हर वक्त तनाव में रहना|
8. नींद पूरा न होना|
9. माइग्रेन से होने वाली दर्द हमेशा शाम के समय प्रारंभ होता है |
10. माइग्रेन के कारण आँखों में भी दर्द होने लगता है|

अर्धकापाली होने के कारण (Causes of migraine):

Symptoms and Treatment of Migraine

साधारणता migraine होने के कई कारण हो सकते है | जैसे –

अत्यधिक काम का दबाव – रोजाना अगर कम का अधिक दबाव होने से भी migraine की समस्याए होती है |
नींद का पूरा न होना – देर रात तक जागने एवं नींद पूरी न होने से भी migraine होने का खतरा बना रहता है |
मस्तिस्क के धमनियों में सिकुड़न – मस्तिस्क के धमनियों में सिकुड़न के कारण रक्त संचार में बाधा उत्पन होने से |
मस्तिस्क में रक्त के श्रव में बाधा – मस्तिस्क में रक्त के श्रव में बाधा उत्पन होने पर तथा मस्तिस्क के धमनियों में अगर रक्त का संचार सही तरीके से न होंने पर मस्तिस्क तक ऑक्सीजन नहीं पहुच पता है जिस्से मस्तिस्क में पीड़ा होने लगती है |
मस्तिस्क के नसों के छतिग्रस्त होने से – मस्तिस्क के नसों में अगर किसी प्रकार के चोट के कारण अगर रक्त का जमाव हो जाए तो भी migraine होने का खतरा होता है |
तेज धुप में घुमने से एवं अत्यंत ठंड मौसम के कारण भी migraine की सिकायत हो सकती है |
धुम्रपान  – अधिक धुम्रपान करने की आदत से भी migraine होने का खतरा रहता है

अर्धकापाली से निजात पाने के लिए घरेलु उपाय

Symptoms and Treatment of Migraine

(Simple home remedy to get rid of Migraine) :

ठन्डे पानी से मसाज – अगर आपको migraine की शिकायत है , तो आपको अपने सर पे ठन्डे पानी से भींगा हुआ कपडा को 25 से 30 मिनट तक रखे रहना चाहिए जिस्से migraine से होने वाली दर्द से रहत मिलती है |
शांति बनाये रखना – migraine की दर्द से बचने का एक उत्तम उपाए मस्तिष्क को शांत बनाये रखना भी है | जिस्से मस्तिष्क को आराम मिलता है |
खाली पेट न रहे – migraine से बचने के लिए हमेशा एक निश्चित अंतरल पर कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए | जिस्से पेट खाली न रहे |
अच्छी नींद – अच्छी नींद लेने से भी अर्धकापाली में फ़ायदा पहुचता है | इसके लिए कम से कम 8 घंटा सोने की कोशिश करे |
मेहँदी का लेप – मेहँदी के लेप को लगा कर रखने से भी migraine में राहत मिलता है |
प्रोटीन युक्त अहार – migraine से बचने के लिए प्रोटीन युक्त अहार ले जैसे मछली आदि, इसके अलावा हरी सब्जियों को अपने भोज्य पदार्थो के तलिका (list) में सामिल करे |
नमक का प्रयोग – चुटकी भर नमक को 20 से 30 सेकेण्ड तक अपने जीभ में रखने के बाद उसे पानी के साथ निगल जाए | इस्से भी आराम मिलेगा |
धुप से परहेज – कड़े धूप में बाहर निकलेने से परहेज करे |
नवरत्न तेल – बाजार में उपलब्ध नवरत्न तेल के सर में लागाने से ठंडक मिलती है और migraine से राहत मिलती है |

हल्का-फुल्का दर्द हो तो डिस्प्रिन लें, लेकिन उपरोक्त लक्षण के साथ भयंकर सिरदर्द हो, तो डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें।

हमेशा रहें अलर्ट :

Symptoms and Treatment of Migraine

माइग्रेन होने पर योग और ध्यान करें। इससे तनाव कम होगा। लेकिन, जहां भी योग करें वह जगह प्रकाश से चकाचौंध वाली, तेज धूप, तेज गंध वाली नहीं होनी चाहिए। माइग्रेन रोगियों को अच्छी नींद लेनी चाहिए।

इसके अलावा मसालेदार भोजन, जंक और डिब्बाबंद फूड, अल्कोहल, धूम्रपान का सेवन न करें। ताजे फल, प्रोटीनयुक्त डाइट जैसे दूध, दही, पनीर, दाल, मांस और मछली आदि का सेवन करें।

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