इन टेस्ट के आधार पर होती है कोरोना वायरस की जांच, जानिए कब कराएं

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हेल्लो दोस्तों आज कोरोना वायरस के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं इसके लिए सरकार ने भी अपनी मुहीम तेज कर दी है इसके लिए सरकार ने कुछ टेस्ट भी जरूरी कर दिया है जिससे कोरोना वायरस का पता चल जाता है. Tested for Corona Virus

तेजी से फैलती जानलेवा बीमारी के मद्देनजर WHO ने कोरोना वायरस को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी (Public Health Emergency) घोषित कर दिया है. अब तक इसके 93,210 मरीज सामने आए हैं, जो बीमारी की अलग-अलग अवस्था में हैं.

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दुनियाभर में इसकी जांच के लिए लैब बनाए जा रहे हैं, जहां मरीज से सैंपल लेकर जांच होती है और रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाती है. आइए, जानते हैं, इस वायरस की जांच के लिए किन-किन टेस्ट से गुजरना होता है.

क्या है कोरोना :

कोरोना वायरस विषाणुओं का एक समूह है जो श्वसन तंत्र पर असर डालता है. ये पशुओं और इंसानों दोनों ही में पाया जाता है और आमतौर पर कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचाता. लेकिन कई बार कोरोना वायरस क्रमिक विकास की प्रक्रिया से गुजरकर एक नई किस्म बनाता है.

ये श्वसन तंत्र पर काफी खराब असर डालता है और सांस लेने में परेशानी या मल्टीपल-ऑर्गन फेल होने जैसे हालात बन जाते हैं.

corona virus disease 2019 जिसे कोविड 19 के नाम से भी जाना जा रहा है, कोरोना का यही किस्म है. जानलेवा होने के कारण समय रहते इसकी जांच और इलाज बहुत जरूरी है.

Tested For Corona Virus
Tested For Corona Virus

कब कराएं जांच :

अगर आपको फ्लू जैसे लक्षण नजर आ रहे हों जैसे सर्दी-जुकाम, नाक बहना या तेज बुखार तो टालने की बजाए एक बार जनरल फिजिशियन से मिलना जरूरी है. वे लक्षणों के आधार पर आपको जांच के लिए जाने की सलाह देंगे.

इसके अलावा अगर आप ऐसे लोगों के संपर्क में हाल में आए हों, जो कोरोना प्रभावित क्षेत्र से हों तो कोरोना की जांच बहुत जरूरी है.

कोविड 19 की जांच के लिए होते हैं ये टेस्ट (Tested For Corona Virus):

अगर डॉक्टर को लगता है कि आप इससे संक्रमित हो सकते हैं तो आपको सबसे पास की लैब में भेजा जाएगा, जहां आपके बलगम, थूक और खून का सैंपल लिया जा सके. टेस्ट के लिए कई तरीकों से सैंपल लिया जाता है.

इसके लिए सबसे पहले Swab test की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है इसमें जांचकर्ता आपकी नाक या गले में एक फाहा या ब्रश डालकर सैंपल लेता है. इसके बाद दूसरे टेस्ट जिसे Nasal aspirate कहते हैं, जिसमें नाक में सलाइन सॉल्यूशन डाला जाता है और फिर सक्शन मैथड से सैंपल लिया जाता है.

इसके बाद Tracheal aspirate के तहत एक पतली ट्यूब (ब्रॉन्कोस्कोप) को धीरे-धीरे मुंह के जरिए लंग्स तक पहुंचाते हैं और सैंपल लेते हैं.

फिर Sputum test में आपको एक खास बर्तन में खखारने को कहा जाएगा और इसे सैंपल बतौर इस्तेमाल करेंगे. इसके अलावा ब्लड टेस्ट भी है, जिसमें हाथ की नस से खून लिया जाता है.

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Centers for Disease Control का मानना है कि गले या लंग्स से लिए सैंपल सबसे विश्वसनीय रिजल्ट देते हैं. इसके लिए दुनियाभर में कुछ खास लैब्स बनाए गए हैं. हमारे देश में सरकार ने कोविड 19 की जांच के लिए 15 लैब्स बनवाई हैं. इनमें छोटे से लेकर बड़े शहरों को भी शामिल करने की कोशिश की गई है.

क्या जांच के दौरान कोई खतरा है :

आपके मुंह या गले में हल्की सरसराहट या खराश हो सकती है. Tracheal aspirate प्रक्रिया के बाद मुंह और गले में आई खराश और सूखापन लगभग घंटाभर भी रह सकता है.

इस पूरे घंटे पानी पीना मना होता है और मरीज अस्पताल स्टाफ की निगरानी में रहता है. जांच के लिए अपनाई जाने वाली ये तमाम प्रक्रियाएं अस्थायी परेशानी ही देती हैं और इनके कोई साइड इफैक्ट नहीं हैं.

Test For Corona Virus
Test For Corona Virus

अगर सैंपल पॉजिटिव पाया जाता है तो अस्पताल पूरा इलाज करता है. इस दौरान दूसरे लोगों से अलग रहना होता है, जब तक कि इलाज पूरा न हो और जांच रिपोर्ट निगेटिव न आ जाए. सैंपल निगेटिव आने के बाद भी उन्हें होम क्वेरेंटाइन या सेल्फ क्वेरेंटाइन में रहने की सलाह दी जाती है

यानी घर लौटकर भी कुछ दिनों के अलग-थलग रहना और लक्षणों पर गौर करना. अगर स्वास्थ्य में थोड़ा भी फर्क हो तो हेल्थ केयर प्रोवाइडर दोबारा आपसे संपर्क करते हैं और दोबारा जांच की जाती है.

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