देखिये वो वीडियो जिसकी वजह से जामा मस्जिद में BAN हुआ टिक-टॉक

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दिल्ली के प्रसिद्ध जामा मस्जिद में टिक-टॉक वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन दिनों सोशल मीडिया पर वीडियो मेकिंग ऐप टिक-टॉक की काफी चर्चा में है। टिक-टॉक पर वीडियो बनाना एक ट्रेंड की तरह लगातार बढ़ता ही जा रहा है। युवा लड़के-लड़कियों में इसका ज्यादा क्रेज देखने को मिल रहा है। Tik Tok Ban in Jama Masjid

इसी कड़ी में टिक-टॉक वीडियो बनाने से जुड़ा दिल्ली के जामा मस्जिद का एक मामला सामने आया है। जहाँ दो विदेशी लड़कियाँ टिक-टॉक पर वीडियो शूट करती नज़र आईं। दरअसल, जामा मस्जिद के नमाज़ कक्ष के पास दो विदेशी लड़कियाँ डांस करते हुए टिक-टॉक पर वीडियो बना रही थीं। विदेशी लड़कियों द्वारा बनाया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

अब जामा मस्जिद के अंदर सिविल डिफेंस के मेम्बर 55 साल के कैफियत खान लोगों पर नज़र रखे हुए हैं. उनका काम है मस्जिद के अंदर तस्वीर और वीडियो बनाने वालों को रोकना.

Tik Tok Ban in Jama Masjid
Tik Tok Ban in Jama Masjid

उन्होंने बताया कि मस्जिद में लड़कियों का डांस वीडियो के वायरल हो जाने के बाद अब किसी को भी यहां वीडियो बनाने की इजाजत नहीं है. यहां हज़ारों लोग नमाज़ पढ़ने आते हैं. यहां घूमने आने वालों लोगों को फोटो और वीडियो का बहुत शौक होता है, लेकिन इस वाकये के बाद अब जामा मस्जिद में वीडियो बनाने की मनाही है.

इन विदेशी लड़कियों ने गाउन पहनकर नमाज़ कक्ष में 16 सेकेंड डांस वीडियो बनाया. सिर्फ यही नहीं मस्जिद के अंदर हाल फिलहाल में कुछ डांस और एक्टिंग करते हुए वीडियोज़ भी वायरल हुए थे.

इस बारे में मस्जिद के इमाम का कहना है कि चाहे वह मस्जिद हो, मंदिर हो, या फिर गुरुद्वारा, ये स्थान पूजा के लिए हैं, गायन और नृत्य के लिए नहीं। उनका कहना है कि उन्होंने नमाज़ पढ़ने वाली जगह पर लड़कियों के डांस का वीडियो देख लिया था। जिसके बाद उन्होंने ये फैसला लिया। वहीं, मस्जिद में बैन के बाद टिक-टॉक ने कहा कि इससे किसी की भावना, धार्मिक आस्था आहत हो सकती है। इसलिए इस वीडियो को हटा दिया गया है।

Tik Tok Ban in Jama Masjid
Tik Tok Ban in Jama Masjid

इस नए नियम के बाद जामा मस्जिद के अंदर जाकर वीडियो नहीं बना पाएँगे। इसके लिए मस्जिद परिसर में एक बोर्ड लगा दिया गया है जिस पर साफ लिखा है कि जामा मस्जिद में टिक टॉक बनाना सख्त मना है। इमाम ने कहा कि उन्होंने टिक-टॉक वीडियो बनाने वालों पर नज़र रखने के लिए एक टीम बनाई है, जो मस्जिद के अंदर दो ई-रिक्शा में चक्कर लगाते हैं। उनका कहना है कि शुरुआत में इस ऐप का उपयोग करते हुए कई लोगों को पकड़ा गया था, लेकिन अब ये न के बराबर है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति टिक-टॉक का उपयोग करता हुआ पाया जाता है, तो उस व्यक्ति को तुरंत वीडियो डिलीट करने के लिए कहा जाता है।

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