भूलकर भी इस दिशा में न बनवाएं शौचालय, फंस सकते हैं आप बड़ी मुसीबतों में

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जब हम अपना घर बनवाते है तो वास्तु का पूरा ध्यान रखते है। जिससे कि लाइफ में किसी भी तरह का कष्ट न हो, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि टॉयलेट बनाते समय वास्तु को भूल जाते है। जिसके कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिस तरह आपके घर का वास्तु होता है उसी तरह टायलेट का भी वास्तु शास्त्र होता है कि किस दिशा में बनवाना होगा सही। जानिए घर की किस दिशा में टॉयवेट बनवाने से क्या होगा।

पूर्व दिशा से :

पूर्व दिशा में शौचालय बनवाने से आपकी जीवन की गति गडबड़ा सकती है। आपके ऊपर मुसीबतों के बादल घिरने लगेंगे। आपके बड़े बच्चे की तरक्की में बाधा होगी। उसे अनेक दुविधाओं का सामना भी करना पड़ सकता है। साथ ही आपके पैरों में भी गड़बड़ हो सकती है। आपकी उन्नति का मार्ग अवरूद्ध हो सकता है। जीवन में एक ठहराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और जैसे रूका हुआ पानी सड़ जाता है, वैसे ही जीवन में ऊब महसूस होने लगती है। हमारे पैरों पर इस दिशा के शौचालय का बुरा असर पड़ सकता है और हर दिन सुबह 5 से 7 बजे के बीच हमें आवांछित स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

अगर किसी वजह से आपके घर की पूर्व दिशा में शौचालय है तो शौचालय की छत में बांस का प्रयोग करके दुष्टप्रभावों को कम करने की कोशिश की जा सकती है।

दक्षिण-पूर्व दिशा :

शौचालय का निर्माण शुभ नहीं है। इस दिशा में शौचालय होने से धन की हानि संभव है। साथ ही व्यापार और विकास में बाधा होगी। हर साल गर्मी शुरू होते ही आपके व्यापार और करियर में गिरावट आयेगी। हरा रंग आपको हर तरह से नुकसान देने लगेगा। अगर आपकी बेटी बड़ी है तो उसको बहुत तरह की समस्याएं हो सकती हैं। सुबह 7 से 9 बजे का समय आपके लिये रोज ही उलझनों का संदेश लेकर आयेगा। आपके नितम्बों में विकार आ सकता है। आपकी पेल्विक गर्डिल का अलाइनमेंट बिगड़ सकता है। अगर किसी वजह से आपके घर के अग्नि कोण, यानि दक्षिण-पूर्व के कोने से शौचालय को हटाना संभव नहीं है तो उस दिशा में ज्यादा से ज्यादा लकड़ी लगाकर और वहां समुद्री नमक का एक कटोरा रख देने से दुष्टप्रभावों को कम करने की कोशिश की जा सकती है।

दक्षिण दिशा :

अगर आपके घर की दक्षिण दिशा में शौचालय की संभावना है तो इसे दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम के बीच शिफ्ट करने की कोशिश करें। ठीक दक्षिण दिशा में शौचालय का निर्माण कराने से यश और कीर्ति की हानि होती है। मझली बेटी को अपयश का सामना करना पड़ता है। जीवन की ऊष्मा गुम हो जाती है और आपकी आंखें लगातार परेशान करती रहती हैं। आंखों में कोई न कोई विकार बना ही रहता है और हर सुबह 9 से 11 बजे के बीच मुसीबत भरे संदेश आते हैं। हर साल गर्मी के मौसम में सरकारी विभागों से नोटिस मिलती हैं और व्यर्थ की प्रताड़ना झेलनी पड़ती हैं। अगर किसी मजबूरी के चलते दक्षिण दिशा में आपका टॉयलेट है तो उसके प्रभावों को कम करने के लिये टॉयलेट के दरवाजे पर तांबे की पत्ती जड़वाने से कुछ राहत मिलेगी।

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