स्त्रियां पायल क्यों पहनती हैं, आप नहीं जानते असली वजह

किसी भी स्त्री के पैरों की सुंदरता में पायल चार चांद लगा देती है। स्त्रियों के सोलह श्रृंगार में पायल का भी महत्वपूर्ण स्थान है। आमतौर पर यही माना जाता है कि पायल स्त्रियों के लिए श्रृंगार की वस्तु है, लेकिन इससे कई अन्य लाभ भी प्राप्त होते हैं। पायल से प्राप्त होने वाले फायदों के विषय में काफी कम लोग जानते हैं।

पायल की धातु हमेशा पैरों से रगड़ाती रहती है जो स्त्रियों की हड्डियों के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है। इससे उनके पैरों की हड्डी को मज़बूती मिलती है। साथ ही पायल पहनने से स्त्रियों का आकर्षण कहीं अधिक बढ़ जाता है।

पायल के संबंध में ये है पुरानी मान्यता

प्राचीन समय से ही हर स्त्री के लिए पायल पहनना अनिवार्य परंपरा के रूप में प्रचलित है। कई घर-परिवार ऐसे हैं, जहां विवाह के बाद स्त्री को पायल के बिना घर से बाहर जाने की इजाजत भी नहीं दी जाती है। यहां जानिए इस प्राचीन परंपरा के पीछे कौन-कौन से कारण बताए गए हैं…

पायल पहनने के पीछे एक वजह यह है कि प्राचीन काल में महिलाओं को पायल एक विशेष संकेत के लिए पहनाई जाती थी। उस समय में जब घर के सभी सदस्य एक साथ बैठे होते थे, तब यदि पायल की छम-छम की आवाज आती थी तो सभी को अंदाजा हो जाता कि कोई महिला उनकी ओर आ रही है। जिससे सभी सदस्य व्यवस्थित रूप से आने वाली महिला का उचित स्वागत करने के लिए तैयार हो जाते थे।

पुराने समय में स्त्रियों को पति के घर में कहीं आने-जाने के लिए पूरी स्वतंत्रता नहीं रहती थी। साथ ही, वह किसी से खुलकर बात भी नहीं कर पाती थी। ऐसे में जब वह घर में कही आती-जाती तो बिना उसके बताए भी पायल की आवाज से सभी सदस्य समझ जाते थे कि उनकी बहु वहां आ रही है या कहीं जा रही है।

पायल की आवाज अन्य लोगों के लिए एक इशारा है, इसकी आवाज से सभी को यह एहसास हो जाता है कि कोई महिला उनके आसपास है, अत: ऐसी परिस्थिति में शालीन और सभ्य व्यवहार करना चाहिए। ताकि स्त्री के सामने किसी प्रकार की कोई अभद्रता ना हो जाए।

दूर होती हैं नकारात्मक ऊर्जा

पायल की आवाज किसी का भी ध्यान तुरंत ही आकर्षित कर लेती है। जब कोई लड़की पायल पहनकर चलती है तो पायल से निकलने वाला स्वर किसी संगीत से कम प्रतीत नहीं होता। पायल की आवाज से घर में नकारात्मक शक्तियों का असर कम हो जाता है और सकारात्मक शक्तियों को बल मिलता है। घर में सकारात्मक वातावरण निर्मित होता है। वातावरण की पवित्रता बढ़ती है। मान्यता है कि जिस घर से पायल की आवाज आती रहती है, वहां देवी-देवताओं की शेष कृपा रहती है। इसी कारण महिलाओं के लिए पायल पहनना अनिवार्य माना गया है।

पायल से होते हैं ये स्वास्थ्य लाभ

पायल पहनने से स्त्रियों को कई स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होते हैं। सोने या चांदी से बनी पायल विशेष स्वास्थ्य लाभ पहुंचाती है। पायल हमेशा पैरों से रगड़ाती रहती है, इसी वजह से पैरों की हड्डियों को सोने या चांदी के तत्वों से मजबूती मिलती है। आयुर्वेद में कई दवाओं में धातुओं की भस्म का उपयोग किया जाता है।
धातुओं की भस्म से जैसे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं, ठीक वैसे ही लाभ पायल पहनने से भी मिलते हैं।
पायल की आवाज अन्य लोगों के लिए एक इशारा है, इसकी आवाज से सभी को यह एहसास हो जाता है कि कोई महिला उनके आसपास है, अत: वे शालीन और सभ्य व्यवहार करें। ताकि स्त्री के सामने किसी तरह की कोई अभद्रता ना हो जाए।

समय के साथ बदल गया अंदाज़

महिलाओं के सौंदर्य में चार चाँद लगाने वाली ये पायलें अब एक नये परिवर्तन के साथ फैशन में आ गई हैं। जहाँ पहले युवतियाँ पायलों को अपने दोनों पैरों में पहनती थीं, वहीं अब वे इसे जींस व कैप्री के साथ एक पैर में पहन रही हैं। पायल के चलन में कई तरह के परिवर्तन आए हैं। चाँदी के अलावा भी कई तरह की पायल इन दिनों बाज़ार में आ रही हैं, जैसे प्लास्टिक और वुडन पायल युवतियों के बीच ख़ासी लोकप्रिय हैं।

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