जानिए साबुन किसी भी रंग का क्यों न हो लेकिन झाग हमेशा सफे़द ही क्यों निकलता है

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बहुत सी रोजमर्रा की चीजें ऐसी भी हैं जिनके बारे में हम अधिक ध्यान नहीं देते, बस करते जाते हैं। नहाते-धोते वक्त हम सभी साबुन का इस्तेमाल करते ही हैं, लेकिन झाग के सफेद रंग के पीछे कौन सा विज्ञान है, ये पता नहीं रहता है। ऐसे ही किसी मित्र ने मुझसे पूछा तो मैं चुप रह गया। अब यही जानकारी आपके लिए लेकर आए हैं!

साबुन के झाग का रंग सफेद होने के जो कारण हैं वो हम सभी बचपन में ही पढ़ चुके हैं, लेकिन दिमाग से निकल गया है। मैं बस आपको रीमाइंड कर देता हूं। ये विज्ञान का सामान्य सूत्र है जिसके कारण कोई भी चीज रंग ग्रहण करता है। बता दें कि किसी भी वस्तु का अपना कोई रंग नहीं होता है, बल्कि प्रकाश के कारण वो खास रंग का दिखता है।

गौरतलब है कि कोई भी वस्तु जिस रंग को परावर्तित यानि रिफ़्लेक्ट करता है, वो उसी रंग का दिखता है। याद होगा कि जो वस्तु सभी रंग अवशोषित कर लेती है वो काली दिखती है वहीं सभी रंगों को रिफ़्लेक्ट कर देने वाली चीजें सफेद रंग की दिखती है। साबुन का झाग भी सभी रंगों को रिफ़्लेक्ट कर देती है।

दरअसल झाग बुलबुलों से बना होता है और ये प्रकाश को आसानी से परावर्तित कर देती है लिहाजा इसे उजले रंग का देख पाते हैं। आपको अपनी कक्षा की बातें याद आ गई होंगी। आप भी अपने दोस्तों से कारण पूछकर उनको चकरा सकते हैं। पक्का वे भी बता नहीं पाएंगे कि आखिर साबुन किसी भी रंग का क्यों न हो, झाग सफ़ेद ही बनता है!

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